मराठों के गढ़ में बीजेपी की जीत, कांग्रेस और एनसीपी की हार- big-win-for-bjp-in-sangli-jalgaon-in-maharashtra



मुंबई: राज्य में मराठा आंदोलन के बीच बीजेपी को मराठों के गढ़ सांगली में महानगरपालिका के चुनाव में अप्रत्याशित जीत मिली है। उसने कांग्रेस और एनसीपी को धूल चटाते हुए यहां पहली बार फतह हासिल की है। बीजेपी ने जलगांव महानगरपालिका में भी पिछले 35 साल से कब्जा जमाए बैठे खानदेश विकास आघाडी के सुरेश दादा जैन का सफाया करते हुए बड़ी जीत हासिल की। गौरतलब है कि इन दोनों महानगरपालिका के चुनाव प्रचार में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रचार नहीं किया था। सांगली में पहली बार खिला कमल सांगली-मिरज-कुपवाड महानगरपालिका के चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस को जोर का झटका दिया है। यहां कांग्रेस 41 से घटकर 20 सीट पर आ गई और बीजेपी शून्य से सीधे 41 पर पहुंच गई। 78 सीट की महानगरपालिका में बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिल गया है। यहां पहली बार कमल खिला है। वहीं एनसीपी नेता जयंत पाटील किसी तरह पार्टी की इज्जत बचाने में सफल रहे। हालांकि एनसीपी को भी 2013 की तुलना में चार सीटों का नुकसान हुआ है। उसे 15, कांग्रेस को 20 और अन्य को 2 सीट मिलीं। जलगांव में भी बीजेपी का जलवा जलगांव जिला बीजेपी का गढ़ रहा है, लेकिन जिला मुख्यालय की महानगरपालिका पर राज करने का उसका सपना अधूरा ही था। इस बार उसने 75 में से 57 सीट हासिल करते हुए जैन की आघाडी को करारी मात दी। खानदेश विकास आघाडी 36 से शून्य पर आ गई। शिवसेना को 13, एमआईएम को 3 और अन्य को 2 सीट मिलीं। शिवसेना को 2013 में एक भी सीट नहीं मिली थी। कांग्रेस और एनसीपी खाता भी नहीं खोल सकीं। मराठा आंदोलन पर सवाल सांगली-मिरज-कुपवाड महानगरपालिका में करीब 80 प्रतिशत मतदाता मराठा हैं। इसके बावजूद यहां बीजेपी की बड़ी जीत से यह सवाल उठना लाजमी है कि जो मराठा आरक्षण के लिए फडणवीस सरकार के खिलाफ मैदान में उतरे हैं, हिंसक आंदोलन कर रहे हैं, वे बीजेपी को कैसे वोट दे सकते हैं। बीजेपी की इस जीत ने मराठा आंदोलन की एक तरह से हवा निकाल दी है।


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