पार्टियों द्वारा बैलेट पेपर की मांग गलत, इससे बूथ कैप्चरिंग का युग आ जाएगा : चुनाव आयोगdeamnd-of-ballot-is-bad



नई दिल्ली : चुनाव सुधारों पर चर्चा के लिए राष्‍ट्रीय और राज्‍य स्‍तर के सभी मान्‍यता प्राप्‍त राजनीतिक दलों के साथ चुनाव आयोग ने सोमवार को नई दिल्‍ली में बैठक की. बैठक में कुछ दलों ने बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने की मांग उठाई. राजनीतिक दलों की इस मांग को चुनाव आयोग ने गलत ठहराया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव में ईवीएम की जगह बैलेट पेपर के इस्तेमाल की मांग गलत है, यह व्यवस्था फिर से बूथ कैप्चरिंग को बढ़ावा देगी. बैठक के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने मीडिया से बात करते कहा कि बैठक में कुछ दलों ने कहा कि ईवीएम और वीवीपैट मशीनों में दिक्कतें आ रही हैं. राजनीतिक दलों की इन बातों पर चुनाव आयोग द्वारा गौर फरमाया जाएगा और समस्या कहां और कैसे आ रही है, इसकी जांच की जाएगी. उन्होंने बताया कि सभी दलों ने चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को और अधिक बढ़ाने के लिए सकारात्मक और रचनात्मक सुझाव दिए हैं. आयोग इस सभी सुझावों पर चर्चा करेगा और जरूरत पड़ने पर इन्हें अमल में भी लाया जाएगा. उन्होंने बताया कि आयोग और राजनीतिक दलों के बीच लोकसभा और राज्‍य विधानसभाओं के आगामी चुनावों को देखते हुए मतदाता सूचियों की शुद्धता, पारदर्शिता में सुधार, देश में एकसाथ चुनाव तथा उन्‍हें समावेशी बनाने से जुड़े उपायों पर भी चर्चा हुई. निर्वाचन आयोग की इस बैठक में वार्षिक लेखा परीक्षण रिपोर्ट और चुनावी खर्च की रिपोर्ट समय से जमा कराने पर भी चर्चा हुई. विधान परिषद चुनावों में खर्च सीमा सीमित करने और चुनावी खर्च कम करने पर विचार-विमर्श हुआ. बैठक में कांग्रेस ने कहा कि चुनाव बैलेट पेपर से होने चाहिए. कांग्रेस ने मांग रखी कि चुनावों में 30 फीसदी वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल हो.


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