रेवाड़ी में सीबीएसई छात्रा के बलात्कार के खिलाफ केवाईएस ने किया हरियाणा भवन पर प्रदर्शन Against the rape of CBSE student in Rewari, KYS performed at Haryana Bhawan



हरियाणा में महिलाओं पर लगातार बढ़ रहे अत्याचारों को रोकने में नाकाम हरियाणा मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग उठायी

नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता )  केवाईएस कार्यकर्ता आज हरियाणा के रेवाड़ी जिले में हुए 19 साल की युवती के सामूहिक बलात्कार के खिलाफ हरियाणा भवन पर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए| इस प्रदर्शन में अन्य प्रगतिशील तथा महिला संगठनो जैसे संघर्षशील महिला केंद्र (सीएसडब्ल्यू), आइडवा, एनएफआईडब्ल्यू, एआईएमएसएस, एसएमएस व अन्य संगठनों ने भी हिस्सेदारी निभाई| ज्ञात हो कि पीड़िता को पिछले बुधवार अगवा कर उसी के गाँव के तीन पुरुषों ने सामूहिक बलात्कार किया| युवती जो कॉलेज जाने वाली एक छात्रा है उसको उस दौरान अगवा कर लिया गया जब वह महेंदरगढ़ के कनिना में कोचिंग सेन्टर के लिए जा रही थी| यह घटना बीते हफ्ते के बुधवार की है जिसमे अभी तक मात्र एक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हुई है तथा अन्य दो मुख्य आरोपियों को पुलिस अभी भी पकड़ पाने में असफल रही है| 

ज्ञात हो कि इस मामले में हरियाणा पुलिस ने तुरंत प्राथमिकी दर्ज नहीं की, जिस कारण आरोपियों को बचने का पूरा समय मिला| पीडिता के माता-पिता का कहना है कि जब वह एफआईआर कराने पुलिस थाने पहुंचे तो उन्हें यह कह कर वहां से भगा दिया गया कि यह इलाका उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है| देशवासियों की सेवा करने वालो का महिआलो के प्रति ऐसा रवैया हमारे सामने एक बहुत ही डरावना चित्र प्रस्तुत करता है| साथ ही यह बीजेपी शासित हरियाणा राज्य का महिलाओं के प्रति सुरक्षा का असवेंदनशील रवैया भी दिखाता है जहाँ ऐसे जघन्य मामलो में अधिकार क्षेत्र का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाती है|

सीएसडब्ल्यू से डॉ. माया जॉन ने अपनी बात रखते हुए सरकारी संस्थाओं और पुलिस के पीड़िताओं के प्रति उदासीन रवैये की आलोचना की| उन्होंने हरियाणा भाजपा सरकार के महिला-विरोधी चरित्र को भी उजागर किया जिसने अभी तक राज्य के जिलों में निर्भया केन्द्रों को खोलने का कोई भी कदम नहीं उठाया है| ज्ञात हो कि यह केंद्र पीड़िताओं को प्राथमिक उपचार करने और पुलिसिया कारवाई और कानूनी मदद देने के लिए अनिवार्य रूप से खोले जाने थे| हरियाणा में महिलाओं पर अत्याचार इसके पहले भी होते रहे है| राज्य के रोहतक जिले में एक 28 वर्ष की मानसिक-रोगी के साथ हुए दिल दहला देने वाले सामूहिक बलात्कार को कैसे भुलाया जा सकता है जिसमे बलात्कार न सिर्फ उस युवती की हत्या की जाती है परन्तु उसके यौनांग में पत्थर,ब्लेड और छड़ी कर बुरी तरह से विकृत कर दिया जाता है| आंकड़े दिखाते है कि जबसे बीजेपी सरकार हरियाणा में शासन में आई है महिलाओं के साथ बलात्कार और छेड़छाड़ की घटनाओं में बहुत वृद्धि हुई है| हैरानी की बात यह है कि पिछले चार सालो में बलात्कार की ऐसी भयावह घटनाओं तथा बढती छेड़छाड़ की घटनाओं के बावजूद  हरियाणा सरकार द्वारा इन्हें रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है| बुधवार की यह घटना हरियाणा सरकार की इस नाकामी को साफ़ साफ़ दिखाती है|

ध्यान देने की बात है कि विभिन्न राज्यों और केंद्र में भाजपा की सरकार के आने के बाद से महिलाओं और अल्पसंख्यकों पर हिंसा, जातिगत दबंगई, दलित और पिछड़ी जातियों पर हमले की घटनाएं बढीं हैं| बेहद शर्म की बात है कि कई मामलों पर भाजपा सरकार ने आरोपियों और अपराधियों को बचाने का  प्रयास किया है| यह तथ्य कठुआ में एक आठ वर्ष की बच्ची के साथ हुए सामूहिक बलात्कार से साबित हो जाती है जिसमे ना केवल सरकार ने दोषियों को बचाने की कोशिश परन्तु इलाके के स्थानीय नेताओं द्वारा दोषियों के समर्थन में रैली निकाली गयी जिसमे  ‘भारत माता की जय’ के नारे भी लगाए गए| भाजपा सरकार ने चुनावों में पूरे देश के सामने बड़े-बड़े वादे किये लेकिन हरियाणा के भाजपा प्रमुख के बेटे ने ही लड़की के साथ छेड़-छाड़ की और अपहरण करने का प्रयास किया लेकिन उसे बचाने की भाजपा ने पूरी कोशिश की| जम्मू में भाजपा के दो मंत्रियों ने खुले तौर पर दोषियों का समर्थन किया| इसी तरह यूपी में हुयी घटना में तो इससे कहीं बढ़कर सरकार ने न सिर्फ़ आरोपी एमएलए को बचाने का प्रयास किया बल्कि पीडिता के पिता को गिरफ्तार कर हवालात में पीट-पीट कर मर डाला|

केवाईएस की मांग है कि बलात्कार दोषियों को सख्त सज़ा सुनिश्चित की जाए| कार्यकर्ताओं ने महिलाओं को पूरी सुरक्षा देने में असफल रहने और कार्यवाई में हुई देरी के लिए हरियाणा राज्य के मुख्यमंत्री का इस्तीफे की भी मांग की है| साथ ही, यह भी मांग उठायी गयी कि अत्याचार एवं बलात्कार पीड़ित महिलाओं की सहायता के लिए सभी जिलों में निर्भया केंद्र खोले जाये और यह सुनिश्चित किया जाए सभी पीड़िताओं की शिकायत दर्ज हो और उसपर कार्रवाई की जाए|



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