जीवन शैली में बदलाव से बनाएं हार्ट मजबूत- डा.समीर Hart Strong With Lifestyle Changes- Dr. Samir




                                           वल्र्ड हार्ट-डे पर स्वाश्थ्य संबंधी जानाकरी देते डाक्टर।

वैशाली, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )  रोटरी हेल्थ अवेयरनेस मिशन के तहत शनिवार को वैशाली स्थित मैक्स अस्पताल में वल्र्ड हार्ट-डे पर हेल्थ टाॅक का आयोजन किया गया। रोटरी डिस्ट्रिक 3012 के दस क्लब, मैक्स अस्पताल वैशाली व रोटेªक्ट क्लब एमकेजीडीसी द्वारा आयोजित हेल्थ टाॅक में लोगों ने डाक्टरों से सवाल-जवाब किए। 
          
मैक्स अस्पताल वैशाली के कान्फ्रेस हाॅल में आयोजित हेल्थ टाॅक में प्रिंसिपल कंसलटेंट कार्डियोलाॅजी डा.समीर कुब्बा ने लोगांे को हार्ट के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि यदि हम अपनी जीवन शैली में बदलाव कर लें तो हार्ट अटैक से बच सकते है। क्योंकि आज हार्ट पेशेंट उम्र दराज लोग ही नहीं बल्कि युवा भी हो रहे हैं। भागती-दौड़ती जिंदगी में लोगों को अपने लिए वक्त नहीं मिल पाता है, उनकी लाइफ स्टाइल ही हार्ट के रोगों की जननी है। धूम्रपान करना, शराब पीना, गलत समय उठना, देर से सोना, गरिष्ठ भोजन खाना, मोटापा बढ़ना, वसायुक्त भोजन खाने से लोग हृदय रोगों के शिकार हो रहे हैं। मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं भी हृदय रोगों को जन्म देती है। हार्ट अटैक से बचने के लिए उन्हांेने लोगों को कुछ सुझाव भी दिए। उन्होंने लोगों को सुबह और शाम के समय 15-30 मिनट की वॉक करने, भोजन में नमक और वसा की मात्रा कम करने, तनावमुक्त जीवन जीने, तनाव होने पर योगा करने, पर्याप्त नींद लेने, हेल्दी डाईट लेने, जंक फूड से बचने व खूब पानी पीने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भारत में तेजी से हार्ट फेल्यर के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि सांस लेने में तकलीफ, थकान, टखनों, पैरों और पेट में सूजन, भूख न लगना, अचानक वजन बढना, दिल की धड़कन तेज होना, चक्कर आना और बार-बार पेशाब जाना इसके प्रमुख लक्षण हैं। 
  
डायटीशियन डा.कृतिका ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि ब्रेक फास्ट व डिनर कभी भी हैवी नहीं करना चाहिए। प्रतिदिन समय पर ब्रेक फास्ट जरूर करें। इसके न करने पर मोटापा बढ़ने की गुंजाइश बढ़ जाती है। उन्हांेने कहा कि लोगों को फल खाने के समय का भी पता नहीं होता कि वे किस समय खाने चाहिए। फल कभी भी ब्रेक फास्ट, लंच व नाइट में नहीं खाने चाहिए। सुबह 10 से 12 बजे, लंच से पहले व शाम को 6 बजे के आसपास फल खाने का उपयुक्त समय होता है। 
      
वहीं डा.धीरज कुमार भार्गव न कहा कि हार्ट फेल्यर को समझना जरूरी है, अक्सर लोगों को लगता है कि हार्ट फेल्यर का तात्पर्य दिल का काम करना बंद कर देने से है जबकि ऐसा कतई नहीं है। हार्ट फेल्यर में दिल की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं जिससे वह रक्त को प्रभावी तरीके से पंप नहीं कर पाता। इससे ऑक्सीजन व जरूरी पोषक तत्वों की गति सीमित हो जाती है। कोरोनरी आर्टरी डिजीज (सीएडी), हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट वाल्व बीमारी, कार्डियोमायोपैथी, फेफड़ों की बीमारी, मधुमेह, मोटापा, शराब का सेवन, दवाइयों का सेवन और फैमिली हिस्ट्री के कारण भी हार्ट फेल होने का खतरा रहता है। 
  
हेल्थ टाॅक का आयोजन रोटरी डिस्ट्रिक 3012 के दस क्लब रोटरी क्लब आॅफ दिल्ली इस्टर्न, दिल्ली लिगेसी, दिल्ली मोनार्च, दिल्ली विकास, गाजियाबाद सेंट्रल, गाजियाबाद ग्रेटर, गाजियाबाद हेरिटेज, गाजियाबाद राजधानी, नोएडा एक्सीलेंस व रोटरी क्लब आॅफ इंदिरापुरम गैलोर तथा मैक्स अस्पताल वैशाली व रोटरी क्लब आॅफ एमकेजीडीसी द्वारा किया गया। 
  
इस दौरान दिल्ली इस्टर्न के अध्यक्ष रो.दयानंद शर्मा, रो.सोरंग अग्रवाल, आइपीपी रो.राजेश मिश्रा, रो.संदीप मिगलानी, विवके श्रीवास्तव, रोटेªक्टर डा.नितिनधर, रोटेªक्टर रीतू, एजी जोन-5 से रो.सुधीर सरधाना के अलावा मैक्स अस्पताल से जतीन व रोशन आदि मौजूद थे। 




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