सीलिंग तोड़कर मनोज तिवारी क्या बचाना चाहते हैं अपनी संसदीय सीट? Manoj Tiwari wants to save his parliamentary seat by breaking sealing?



नई दिल्ली, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )  2019 में लोकसभा चुनाव हैं जिसकी तैयारी अभी से शुरू हो चुकी है। सभी राजनीतिक दल कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते इस लिए हर एक मुद्दे पर राजनीति हो रही है। कोई भारत बंद पर राजनीति कर रहा है। तो कोई पेट्रोल-डीजल के दाम पर और अब दिल्ली में सीलिंग पर राजनीति शुरू हो गई है। पूर्वी दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में अवैध तरिके से बिना लाइसेंस डेयरी चलाई जा रही थी जिसके बाद उस दुकान पर सीलिंग कर दी गई थी क्योंकि ये देश की सुप्रीम कोर्ट का आदेश था। लेकिन दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने सीलिंग पर राजनीति करते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ इस डेयरी की सीलिंग तोड़ दी हैं। 



2006 में सुप्रीम कोर्ट ने अवैध निर्माण की सीलिंग के आदेश दिए थे जिसके बाद दिल्ली में दिसंबर 2017 से सीलिंग चल रही है। सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग कमेटी की निगरानी में सीलिंग हो रही है। मनोज तिवारी सीलिंग तोड़कर ये संदेश देने की कोशिश की है कि वो सीलिंग के खिलाफ हैं। वो इसका विरोध कर रहे हैं। 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ सीलिंग तोड़ने वाले दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। मनोज तिवारी के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। तिवारी पर आईपीसी की धारा 188 और दिल्ली नगर निगम कानून की धारा 461 और 465 में केस दर्ज किया गया है। इसके बावजूद मनोज तिवारी ने कहा, 'मैं आज फिर से ताला तोड़ने जाऊंगा। मोनिटरिंग कमिटी पिक एंड चूज कर रही है। नगर निगम के कर्मचारी-अधिकारी भ्रष्ट हैं। सीलिंग अभियान ओखला में क्यों नहीं चलाया जा रहा? सब केजरीवाल की साजिश है। मैं केजरीवाल को सड़क पर आने की चुनौती देता हूं?'


आपको बता दें कि सीलिंग की वजह से सरकार से व्यापारी वर्ग काफी नाराज चल रहा था। इसके चलते व्यापारियों के वोट के लिए इस समय सीलिंग पर राजनीति की जा रही है। मनोज तिवारी जानते हैं कि ऐसा करके वो व्यापारियों के बीच अपनी छवि को अच्छा बना सकते हैं। मनोज तिवारी उत्तर-पूर्वी दिल्ली से लोकसभा में सांसद हैं उनके लिए अपने राजनीतिक करियर के लिए अपनी सीट को बचाये रखना जरूरी है।  


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