राजनाथ की अपील: जम्मू कश्मीर के पंचायत, शहरी निकाय चुनाव में हिस्सा लें सभी दल Rajnath's appeal: Panchayat of Jammu Kashmir, participate in the election of urban bodies All the parties



जम्मू। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे जम्मू कश्मीर में आगामी पंचायत एवं शहरी निकाय संस्था के चुनाव में हिस्सा लें। सिंह की यह अपील राज्य की दो प्रमुख क्षेत्रीय पाटियों नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) एवं पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के इन चुनावों में हिस्सा नहीं लेने की घोषणा के बाद आयी है। दोनों दलों ने घोषणा की कि वे चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे क्योंकि केन्द्र ने संविधान के ‘अनुच्छेद 35 ए’ पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है।

सिंह यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मैं सभी पार्टियों से अपील करना चाहता हूं कि वे राजनीतिक प्रक्रिया में हिस्सा लें। यह उन्हें जनता से संवाद का अवसर उपलब्ध करायेगा।’’ वर्ष 1954 में राष्ट्रपति के आदेशानुसार संविधान में ‘अनुच्छेद 35 ए’ को शामिल किया गया और इससे जम्मू कश्मीर के नागरिकों को विशेष अधिकार मिले। इस अनूच्छेद के तहत राज्य से बाहर के व्यक्ति से विवाह करने वाली महिला को संपत्ति का अधिकार नहीं होगा। इस अनुच्छेद को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गयी है और मामला अभी विचाराधीन है।

एक सवाल के जवाब में गृह मंत्री ने कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने के लिये तमाम प्रयास कर रहा है और अपनी बात की पुष्टि के लिये उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पाकिस्तान की अचानक यात्रा का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हमलोग पाकिस्तान के बर्ताव को नहीं बदल सकते। उसे (पाकिस्तान को) यह समझना होगा कि पड़ोसी के साथ कैसे व्यवहार करना चाहिए।’’ इससे पहले सिंह ने यहां भारत-पाक सीमा के निकट बाड़ लगाने की दो आधुनिक प्रायोगिक परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
उन्होंने कहा, ‘‘सीमा सुरक्षा हमारी सबसे शीर्ष प्राथमिकता है। मैं आज सीआईबीएमएस (व्यापक एकीकृत सीमा प्रबंधन प्रणाली) के तहत दो प्रायोगिक परियोजनाओं का उद्घाटन कर खुश हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने पहले ही सभी सीमाओं पर कुछ संवेदनशील क्षेत्रों और खाली स्थानों की पहचान कर ली है।’’ सिंह ने कहा कि सरकार सीमा बुनियादी ढांचा को उन्नत करने की दिशा में कार्य कर रही है और सीमाई इलाकों में 600 किलोमीटर से अधिक लंबी सड़कों का निर्माण किया जा रहा है तथा सैकड़ों सीमा चौकियों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘शुरू में सीआईबीएमएस परियोजना सीमा पर भौतिक बाड़ में खाली स्थान को भरने के लिये लागू होगी। इसके बाद इस तकनीकी समाधान को समूची सीमा पर लागू किया जायेगा।’’




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