एनजीटी के निर्देशानुसार 10 वर्ष से पुराने डीजल व 15 वर्ष से पुराने पेट्रोल वाहनों को करें जब्त-आयुक्त As per NGT's instructions, seized 10 years old diesel and petrol vehicles from last 15 years



  • आयुक्त की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई प्रदूषण नियंत्रण के सम्बंध में एक दिवसीय कार्यशाला
  • आयुक्त ने दिये कार्यशाला मे अनुपस्थित रहने पर 16 वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन रोकने के निर्देश
  • 1 से 10 नवम्बर तक बंद रहेंगे सभी प्रकार के निर्माण कार्यो, खनन, स्टोन क्रेशर, हाॅट मिक्स प्लांट-अनीता सी मेश्राम
  • समीर ऐप को डाउनलोड कर प्राप्त करें प्रदूषण की जानकारी-आयुक्त


मेरठ, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )  राष्ट्रीय हरित अभिकरण (एनजीटी) द्वारा दिल्ली व समूचे एनसीआर में बढते प्रदूषण को रोकने के सम्बंध में दिये गये निर्देशों के अनुक्रम में आयुक्त सभागार में प्रदूषण नियंत्रण व पर्यावरण संतुलन के सम्बंध में एक दिवसीय कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए आयुक्त अनीता सी मेश्राम ने एनजीटी द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुक्रम में 10 वर्ष से पुराने डीजल वाहन व 15 वर्ष से पुराने पेट्रोल वाहनों को जब्त करने के निर्देश्स दिए । साथ ही मेरठ मण्डल में जिला स्तर पर संयुक्त टीम बनाकर निरीक्षण करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने एक से 10 नवम्बर तक त्यौहारों के अवसर पर प्रतिदिन माॅनीटरिंग करने के लिए निर्देशित किया। कार्यशाला मे अनुपस्थित रहने पर आयुक्त 16 वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन रोककर कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए निर्देशित किया। 
आयुक्त अनीता सी मेश्राम ने कहा कि दिल्ली व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एनसीआर में वायु प्रदूषण के बढते प्रभाव के दृष्टिगत पर्यावरण प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण प्राधिकरण द्वारा निर्देश जारी किये गये हैं तथा इसके लिए एनसीआर में ग्रेडिड एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू किया गया है जिसका क्रियान्वयन उत्तरदायी विभागों द्वारा किया जाना है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों,  ट्रैफिक पुलिस, उद्योग विभाग आदि के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर प्रत्येक दिन प्रातः व रात्रि में निरीक्षण कराने के लिए निर्देशित किया।उन्होंने पेट्रोल पम्पों पर पाॅल्यूशन फिटनेस सर्टिफिकेट को ठीक प्रकार से मानकों के अनुरूप देने  के लिए निर्देशित किया तथा इस सम्बंध में औचक निरीक्षण करने के लिए कहा। 
आयुक्त ने बताया कि आगामी 01 नवम्बर से 10 नवम्बर 2018 तक  विशेष सर्तकता बरती जाएगी तथा इसके लिए बनायें गये ग्रेप प्लान लागू किया गया है। उन्होंने प्रदूषण निंयत्रण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह सम्बंधित विभागीय अधिकारियों से प्रतिदिन किये गये कार्यो की आख्या प्राप्त करे।  आयुक्त ने बताया कि प्राप्त निर्देशों के अनुक्रम में उक्त अवधि में सभी प्रकार के निर्माण कार्यो, खनन, आदि पर पूर्ण प्रतिबंध होगा, स्टोन क्रेशर, हाॅट मिक्स प्लांट आदि बंद रहेंगे। सभी ऐसे उद्योग जो कोल या बाॅयो मास्क को ईधन के रूप में प्रयोग करते हैं वह बंद रहेंगे, इसमें थर्मल व वेस्टु एनर्जी प्लांट को छूट दी गयी है। 
 
उन्होंने कहा कि अभियान या प्रदूषण नियंत्रण के सम्बंध मंे व्यापक प्रचार प्रसार भी कराया जाए ताकि आमजन को व्यक्तिगत वाहनों से कम से कम यात्रा करने व प्रदूषण के बचाव के साधनों को उपयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के सम्बंध में जो अर्थदण्ड लगाया गया है उसकी सूची व उस पर की गयी कार्यवाही का प्रचार किया जाए ताकि लोग उससे सबक लेकर पर्यावरण संतुलन में सहायक बनें। आयुक्त ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि वह जाम की स्थिति में लाइन में खड़े होेने पर अपने वाहानों को बंद करें ताकि प्रदूषण न हो तथा इस सम्बंध में यातायात पुलिस को भी निर्देशित कियां।
आयुक्त ने आरटीओ, यातायात पुलिस के लिए निर्देश जारी किये कि वह एनजीटी द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुक्रम में 10 वर्ष से पुराने डीजल वाहन व 15 वर्ष से पुराने पेट्रोल वाहनों को जब्त करें।  उन्होंने कहा कि खेतों में फसलों के अवशेष (पराली) न जलायी जाए इसको भी सुनिश्चित किया जाए तथा इस सम्बंध में जो अर्थदण्ड का प्रावधान किया गया है उसके प्रचार प्रसार व प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएं। उन्होंने बताया कि दो एकड़ से कम खेत वाले को पराली जलाने पर 2500 प्रति घटना, दो से पांच एकड़ वाले को 5000 रूपये प्रति घटना पांच एकड़ से अधिक खेत वाले को 15000 रूपये प्रतिघटना अर्थ दण्ड का प्राविधान रखा गया है। 
आयुक्त ने कार्यशाला के लिए अधिकारियों को पत्र प्रेषित किया गया व प्रदूषण विभाग द्वारा दूरभाष पर भी सूचित किया गया है इसके बावजूद अधिकारी अनुपस्थित रहे। इससे नाराज होकर आयुक्त ने 16 वरिष्ठ अधिकारियो का वेतन रोककर कारण बताओं नोटिस जारी करने के लिए निर्देशित किया। 16 वरिष्ठ अधिकारियों में मण्डल के सभी जिलाधिकारियों द्वारा नामित वरिष्ठ अधिकारी, आरटीओ मेरठ, गाजियाबाद, उपायुक्त आवास विकास परिषद मेरठ, आरएम यूपीएसआईडीसी मेरठ व गाजियाबाद, पीडी एनएचएआई मेरठ व गाजियाबाद, उपाध्यक्ष गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, हापुड पिलुखवा विकास प्राधिकरण, बुलन्दशहर खुर्जा विकास प्राधिकरण है। 
क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण निंयत्रण विभाग आर0के0 त्यागी ने कहा कि दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र को प्रदूषण के चार  स्तर में आंका गया है जिसमें पीएम 2.5 का स्तर 91 से 120 व पीएम 10 का स्तर 251 से 350 माइक्रोग्राम होने पर माॅड्रेट टू पूअर श्रेणी में, पीएम 2.5 का स्तर 121 से 250 व पीएम 10 का स्तर 351 से 430 माइक्रोग्राम होने पर  वैरी पूअर, पीएम 2.5 का स्तर 250 से अधिक व पीएम 10 का स्तर 430 माइक्रोग्राम से अधिक होने पर सीवर तथा पीएम 2.5 का स्तर 300 से अधिक व पीएम 10 का स्तर 500 से अधिक माइक्रोग्राम होने पर  सीवर प्लस की श्रेणी में रखा गया है। उन्होंने बताया कि मण्डल के गाजियाबाद व गौतमबुद्धनगर सीवर व मेरठ वैरी पूअर श्रेणी में आते है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन के प्रदूषण को जानने के लिए गूगल प्ले स्टोर से समीर ऐप को डाउनलोड कर प्रदूषण की जानकारी ला जा सकती है। 
इस अवसर पर  उपाध्यक्ष एमडीए साहब सिंह, मुख्य अभियंता एमडीए दुर्गेश श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता लोनिवि राजपाल सिंह, संयुक्त निदेशक कृषि सुनील कुमार अग्निहोत्री, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण विभाग ए0के0 तिवारी, संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डा0पीके0 जैन, टीआई यातायात बसंत सिंह,प्रदूषण नियंत्रण विभाग के एईई केएम श्रीवास्तव, आरएम यूपीएसआईडीसी गौतमबुद्धनगर अजय दीप सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



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