यूपी गेट पर जमे किसान घरों को हुए वापस Back to Frozen Farmers Homes at the UP Gate



                                                         यूपी गेट पर  मौजूद पुलिस के अधिकारी

साहिबाबाद, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )  हरिद्वार से चलकर राजघाट दिल्ली को गांधी जयंती पर पहुंचने वाली किसानों की यात्रा में आए गतिरोध के बाद उसमें सामिल किसान बुधवार को दोपहर में अपने ट्रैक्टरों की मरम्मत हो जाते ही यूपी गेट से अपने घरों को विदा हो गए। अब यहां किसान यात्रा के दिल्ली में जबरन प्रवेश  के दौरान दिल्ली पुलिस के साथ हुए संघर्ष के यहां अवशेष भी नहीं बचे हैं ।
         
                                               
                                                        खाना बांटते किसान
जानकारी के अनुसार  उत्तर प्रदेश सरकार के  अपर पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार, मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक राम कुमार की मौजूदगी में  गाजियाबाद जिले के पुलिस प्रशासन ने किसानों के  पंचर हुए ट्रैक्टरों  की मरम्मत  करा कर  उन्हें विदा कर दिया।  इस संघर्ष यात्रा का पहलू यह है कि  संघर्ष के बाद जिन किसानों के ट्रैक्टर और ट्रालिओं की हवा  दिल्ली पुलिस के जवानों ने निकाली थी  उनकी मरम्मत  कराने का  जिम्मा  यूपी पुलिस  ने संभाला। यूपी पुलिस ने अपने आसपास में बहानों के पंचर ठीक करने वाले अनेक  कारीगरों को  बुलाकर  ट्रैक्टरों को  चलने योग्य बना दिया। गाजियाबाद  के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  वैभव कृष्ण, एसपी सिटी श्लोक कुमार,सीओ प्रथम  धर्मेंद्र चैहान,सीओ त्रृतीय  डॉक्टर राकेश कुमार मिश्र के अलावा महानगर गाजियाबाद के सभी थानाध्यक्ष किसानों के ट्रैक्टरों को  ठीक कराने और उन्हें हर तरह से सांत्वना देने में लगे थे। किसानों ने भी  अपने साथियों के खाने  पीने का स्वयं बंदोवस्त किया था  तथा नगर निगम गाजियाबाद की ओर से  पीने का शुद्ध गंगाजल  और चलते फिरते टॉयलेट  की व्यवस्था कराई गयी थी।
        
                                                    वाहनों को  ठीक करते हुए कारीगर। 
नगर निगम गाजियाबाद ने यात्रा के कारण फैली गंदगी को हटाने के लिये मोहन नगर से लेकर  यूपी गेट  तक  लिंक रोड की  पूरी साफ सफाई कर दी है  और  किसानों की यात्रा अथवा  दिल्ली पुलिस के साथ हुए संघर्ष के निशान भी सभी साफ कर दिये गये हैं।  साथ ही किसानों ने भी वहां मौजूद सभी पुलिस के अधिकारियों का  आभार व्यक्त करते हुए  अपने घरों को  प्रस्थान कर गये हैं।



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