नकली किताब छापने वाला गिरफ्तार Fake book printer arrested



इंदिरापुरम, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )  थाना इंदिरापुरम पुलिस ने एक प्रकाशक की किताब को नकल कर बाजार में बेचने के आरोपी एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह किताब इंटरनेट के जरिए फिल्पकार्ट नाम की कंपनी द्वारा ग्राहक को बेची गई थी। अब पुलिस इस कंपनी को भी आरोपी बनाने के लिये विशेषज्ञों की राय ले रही है।
            
जानकारी के अनुसार नदीम नाम के एक युवक ने फिल्पकार्ट के जरिए एक किताब मंगाई थी। नदीम ने फ्लिपकार्ट कंपनी को शिकायत की कि यह किताब उसे 2017 के संस्करण के स्थान पर 2016 की भेजी गई है। इस शिकायत के बाद नदीम ने वह किताब फिल्पकार्ट कंपनी को वापस कर दी। गलती से या किसी अन्य कारणों से फ्लिपकार्ट कंपनी द्वारा भेजी गयी किताब असली प्रकाशक के पास पहंुच गयी और सच्चाई सामने आ गई। इस किताब को एस चांद नाम के प्रकाशन ने छापा था। इस कंपनी के मालिक आरएस अग्रवाल हैं।  आरएस अग्रवाल ने जब इस किताब की जांच कराई तो उन्हें पता चला कि उनके पास शिकायत में आई किताब उनकी कंपनी की नहीं है बल्कि उनकी किताव की कॉपी करके किसी अन्य प्रकाशक ने चोरी से छाप कर चोर बाजार में बेचा है। मामले की जांच करते हुए कंपनी के अधिकारी उस व्यक्ति तक पहुंच गए जिसने उनकी किताब की नकल कर यह किताब तैयार की थी। एसचांद कंपनी ने इस चोर बाजारी की सूचना थाना इंदिरापरुम पुलिस को दी। थाना इंदिरापुरम पुलिस ने पहले कॉपीराइट एक्ट का मुकदमा दर्ज किया तथा किताब को छापने बाले को 82 अन्य किताबों के साथ गिरफ्तार कर लिया। बाद में इसकी जांच एसआई कृष्ण कुमार शर्मा को सोंप दी गयी । विवेचक एसआई कृष्ण कुमार शर्मा ने कॉपीराइट एक्ट के अंतर्गत पवन भट पुत्र आनंद  बल्लभ भट निवासी सेक्टर एक 134 सेकंड फ्लोर वैशाली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है । 
         
विवेचक का कहना है कि वे मामले की तह में जाने के लिये विशेषज्ञ की राय ले रहे कि पायरेटेड किताब ग्राहक को बेचने वाली कंपनी फिल्पकार्ट नकली किताब बेचने के मामले में दोषी है अथवा नहीं।



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