गाजियाबाद पहुँची किसान यात्रा Kisan Yatra reached Ghaziabad



साहिबाबाद, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )  गाजियाबाद पहुची किसान यात्रा,को दिल्ली सीमा से 2 किलोमीटर पहले प्रसासन ने रोक दिया है।,किसानों के साथ जिले के आलाधिकारियों की बैठक चल रही है। किसानों को सोमवार की रात में गाजियाबाद के कमला नेहरूनगर में रोकन  का इंतजाम पुलिस प्रशासन ने किया था,,लेकिन किसान नही माने और दिल्ली की ओर चल दिये थे। अब दोबारा किसानों को मनाने के लिये बैठक चल रही है।
      संभावना है कि आज रात में किसी भी समय किसान दिल्ली की सीमा में घुसने की कोशिश कर सकते हैं। उधर दिल्ली की सीमाओं पर दिल्ली पुलिस भी  अलर्ट में है।

शाम ढलते ही भोजन की व्यवस्था करने के बाद किसान यात्रा में शामिल कुछ किसानों पर यात्रा की थकान हावी हो गई, जिसके चलते किसान जमीन पर ही बिस्तर डाल कर सो गए। वहीं कई किसान ग्रामीण माहौल में यात्रा को यादगार बनाने के लिये पारंपरिक लोक गीतों की धुन पर थिरकते नजर आये। रागनियों और लोक गीतों के बीच बुजुर्ग किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली और सड़क पर से ही में ही हुये गीत-संगीत का आनंद लिया। कोई किसान बिना खाना खाये नहीं सोए, इस बात का ध्यान रखते हुये बार-बार खाने की आवाजें लगाई जा रही थीं। 

हालांकि खाना खा चुके किसान सड़क पर ही बिछे बिस्तर पर बैठकर राजनीतिक चर्चाओं में व्यस्त दिखे। चित्रकूट से आये 72 वर्षीय बुजुर्ग छोटा पडिहा को राजघाट पहुंचने की उत्सुकता बार-बार लोगों से दिल्ली की दूरी पूछने पर विवश कर रही थी। देर रात तक लिंक रोड के तीन फार्म हाउस, आसपास के पार्क तथा सड़क पर किसानों का जमावड़ा लगा रहा। --छह स्थानों पर लगवाए सीसीटीवी कैमरेपुलिस ने सोमवार शाम को एहतियातन लिंक रोड पर छह सीसीटीवी कैमरे लगवाए। इन कैमरों के जरिए किसान यात्रा के दौरान किसी भी स्थिति में पुलिस सीसीटीवी फुटेज का प्रयोग कर सकती है। दूसरी ओर, एसएसपी वैभव कृष्ण का कहना है कि पुलिस किसानों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने का अनुरोध कर चुकी है। जाम से परेशान रहे वाहन चालकदेर रात 11 बजे तक यूपी गेट तथा लिंक रोड पर वाहन चालकों को जाम से जूझना पड़ा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। देर रात तक वाहन चालक जाम में फंसे रहे।

दूसरी तरफ किसान आंदोलन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। खासतौर से उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में चैकसी बढ़ा दी गई है। एहतियातन, पुलिस बल की 10 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती की गई है। पुलिस ने किसान आंदोलन के दौरान किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तैयारियां की हैं। इनमें दमकल विभाग की गाड़ियों से से लेकर एम्बुलेंस और अतिरिक्त पीसीआर की तैनाती की गई है। सीमावर्ती इलाकों में लोगों पर नजर रखने के लिए दूरबीन और वीडियोग्राफी की भी व्यवस्था की गई है। जिला पुलिस उपायुक्तों को खुद सुरक्षा-व्यवस्था की कमान संभालने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस के सूत्रों के मुताबिक आपातकालीन रिस्पॉन्स टीम, रैपिड एक्शन फोर्स सहित कई टीमों को सुरक्षा पर नजर रखने के लिए तैयार रखा गया है।



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