लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट ने गांधी और शास्त्री को किया याद Lok Shiksha Abhiyan Trust remembers Gandhi and Shastri



  • गांधी के रचनात्मक आंदोलन जनता की आवाज बनीः राम दुलार यादव


साहिबाबाद, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )  रेलवे अंडरपास रेलवे स्टेशन साहिबाबाद, राजीव कालोनी में सत्य, अहिंसा, त्याग की प्रतिमूर्ति राष्ट्र पिता महात्मा गाँधी की 150वीं जयन्ती व “भारत रत्न” लाल बहादुर शास्त्री जी की जयन्ती का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डा0 बी0 एल0  गौड़ पूर्व प्राचार्य थे तथा अध्यक्षता सी0 पी0 सिंह ने किया। संयोजक वीरेन्द्र यादव एडवोकेट सपा नेता रहे, विशिष्ट अतिथि डा0 सभापति शास्त्री, मुख्य वक्ता “लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट” के अध्यक्ष राम दुलार यादव रहे। आयोजन इंजीनियर धीरेन्द्र यादव ने किया।
सैकड़ों गणमान्य विद्वान, लेखक तथा भाई-बहनों ने श्रध्दा-सुमन महात्मा गाँधी जी, लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर अर्पित कर उन्हें स्मरण किया। इस मौके पर वीरेन्द्र यादव, अंशु ठाकुर, अनिल मिश्र, राम प्यारे यादव, अवधेश मिश्र एडवोकेट ने विचार व्यक्त किया। पण्डित विनोद त्रिपाठी, मंगल सिंह चैहान ने गीत प्रस्तुत किया तथा संचालन मुकेश शर्मा ने किया। 

समारोह को सम्बोधित करते हुए वीरेन्द्र यादव एडवोकेट ने कहा कि महात्मा जी ने सत्य, अहिंसा, त्याग, तपस्या का सन्देश न केवल भारतवासियों को दिया बल्कि अफ्रीका में नस्ली भेदभाव को समाप्त करने के लिए संघर्ष करते हुए असमानता के विरोध में आवाज उठाई। उनका सविनय अवज्ञा आन्दोलन न भारतवंशी गिरमिटिया मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए बल्कि अफ्रीका के निवासियों को उन्होंने सम्मानपूर्वक जीवन यापन करने का कानून 1914 में बनवाया तथा भारत में 1915 में आकर आजादी के लिए संघर्ष करने लगे। उनके प्रयास से ही देश आजाद हुआ तथा अंग्रेजों के शोषण से मुक्त होकर हम सब  खुली हवा में साँस ले रहे हैं। लाल बहादुर शास्त्री जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वीरेन्द्र यादव एडवोकेट ने कहा कि “खाद्यान के मामले में भारत श्रद्धेय लाल बहादुर शास्त्री के प्रयासों से ही आत्म निर्भर हो पाया” आप के आह्वान पर लोगों ने सप्ताह में एक दिन का उपवास रखा तथा अधिक से अधिक अपने खेतों में अन्न पैदा करने का संकल्प लिया। यहाँ देश के लोगों पर शास्त्री जी के आह्वान का ऐसा असर पड़ा कि लोगों ने गमलों व घर की क्यारी में अन्न व सब्जी लगाना शुरू कर दिया था उन्होंने जय-जवान, जय-किसान की उन्नति को राष्ट्र सेवा माना।

मुख्य अतिथि डा0 बिशनलाल गौड़ ने कहा कि महामानव महात्मा गाँधी व लाल बहादुर शास्त्री जी ने शोषण के विरुद्ध जीवन भर लड़ाई लड़ी। उनके मन में हिन्दू-मुसलमान, सिख, ईसाई सभी समान थे। वे जाति धर्म से ऊपर उठ कर मानवता पर अधिक जोर देते रहे। डा0 गौड़ ने कहा कि आज स्वतंत्र भारत में 30 प्रतिशत से अधिक लोग भुखमरी के शिकार है, हमें शिक्षा व स्वास्थ्य के लिए अधिक-अधिक कार्य करने की आवश्यकता है। आज के मीडिया के बारे में उन्होंने कहा कि आज जो खबर आती है ऐसा लगता है कि गुलाम भारत का समाचार आ रहा है । गुलाम भारत में मीडिया स्वतंत्र समाचार छापता था इतना अन्तर आजादी के बाद देश में आ चुका है, हर तरफ भ्रष्टाचार का बोल बाला है असली सवाल नेपथ्य में चला गया है।
शास्त्री को भी श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए डा0 गौड़ ने कहा कि लाल बहादुर देश के लाल थे गाँधी की विचारधारा ही आप की ताकत थी। 
    
मुख्य वक्ता राम दुलार यादव ने कहा कि आज गाँधी जी विश्व में क्यों सम्मानित है क्योंकि उन्होंने अंग्रेजों से भारत को आजाद कराने के लिए ही संघर्ष नहीं किया बल्कि देश में व्याप्त असमानता, छुआछूत, अशिक्षा के विनाश के लिए भी कार्य किया।  आप के द्वारा मलिन बस्तियों में रहकर सफाई-व्यवस्था के लिए लोगों में जागरण पैदा करना, अन्ध विश्वास व पाखण्ड के विरुद्ध लोगों को तैयार करना उनके द्वारा चरखा चलाकर कपडे बनाना ग्रामीण भारत को आत्म निर्भर बनाने का कार्य करना रचनात्मक कार्य थे। भारत को आजाद कराने में लाखों भारतवासियों ने यातनाएँ झेली, प्राणों की आहुति दी लेकिन राष्ट्र पिता महात्मा गाँधी इसलिए विश्व में सम्मान के पात्र बने क्योंकि उन्होंने भारत को आजादी दिलाने के साथ-साथ जनता के सवालों को संघर्ष का आधार बनाया। हम आपको नमन करते है। भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री ने जब आप भारत के प्रधानमन्त्री बने आप के पुत्र ने सरकारी गाड़ी 11 कि0मी० चलाई तथा जब आप घर आये तो आप को मालूम हुआ तो इस घटना से आप खिन्न होकर अपनी पत्नी ललिता शास्त्री से कहा कि यह गाड़ी भारत सरकार की गाड़ी है 36 पैसे प्रति कि०मी0 के हिसाब से सरकारी खजाने में रूपया जमा कर दीजिए तभी मै इस गाड़ी में चलूँगा यह उनकी महानता का उदहारण है। आज इस देश में छोटे पदों पर बैठे लोग अपने पद की गरिमा का कितना दुर्पयोग कर रहे हैं यह  किसी से छिपा नहीं है, हम आप के चरणों में नमन करते हैं।
  
इस अवसर पर डा0 बिशन लाल गौड़, राम दुलार यादव, वीरेन्द्र यादव एडवोकेट, डा0 सभापति शास्त्री, डा0 देव कर्ण चैहान, सी0 पी0 सिंह, भीम सिंह चैहान, पण्डित विनोद त्रिपाठी, सावित्री पाण्डेय, अनिल मिश्र, वीर सिंह सैन, राधे श्याम तिवारी, विनय मिश्र, शंकर यादव, राम प्यारे यादव, फौजुद्दीन, मुनीव यादव,  एस0 एन0 जायसवाल, शिव शंकर शर्मा, शिव नन्दन अवस्थी, अमरजीत, धनेश, रामपत गौड़, सुरेन्द्र सिंह, अरविन्द सिंह, संजय यादव, राजेन्द्र, अंजलि पाण्डेय, मदन यादव, हरिकेश मिश्र, अशोक मिश्र, रामधनी, कैलाश, शिवदत्त शर्मा, रहीसुद्दीन, नवशाद, राहुल, अवधेश यादव, गुड्डू यादव, अंशु ठाकुर, उपेन्द्र यादव, शिवानन्द चैबे, नागेन्द्र मौर्य, मानिक चन्द पटेल, अमन यादव, सरफराज, अमर बहादुर, अखिलेश शुक्ला, अरुण कुमार, अजय वीर, जोगेन्दर, अमरनाथ, महेश, उमेश, विजय वीर, आकाश वर्मा, मान सिंह, वीरेश, हरिशंकर यादव, राज किशोर, शिवा, अनिल, रिंकू, सुभास यादव, आदि ने पुष्पांजलि अर्पित की।



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