विवेक तिवारी हत्याकांड : पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, सिपाही ने बोनट पर चढ़कर मारी थी गोली Vivek Tiwari assassination: The post mortem report reveals, the soldier shot dead on the bonnet



लखनऊ । लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में ‌विवेक तिवारी की हत्या में एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं तो दूसरी तरफ राजनी‌तिक पार्टियां इसे मजहबी रंग देने में तूली है। मृतक विवेक तिवारी के परिवार ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के बाद कहा कि उन्हें राज्य सरकार पर ”पूरा भरोसा” है। वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सरकार को बिना कोई देरी किये इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए। उन्‍होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और सरकार इस मामले पर लीपापोती कर रही है। बीएसपी सुप्रीमो ने यह भी कहा कि इस मामले में अगड़ी जाति विशेषकर ब्राह्मण समाज के लोगों का कुछ ज्यादा ही शोषण एवं उत्पीड़न हो रहा है। उधर इस मामले में पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट सामने आ चुकी है जिसमें इस बात का खुलासा हुआ है कि विवेक तिवारी को गोली सामने से ऊंचाई से मारी गई क्योंकि विवेक के शरीर में गोली ऊपर से नीचे की ओर गई है।

इससे मामले में विवेक की पत्नी कल्‍पना तिवारी ने जो एफआईआर दर्ज कराई थी उसमें भी लिखा है कि सिपाही प्रशांत चौधरी ने शीशे से अपनी पिस्टल सटाकर गोली मारी। विवेक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पत्नी की एफआईआर देखकर लगता है कि शायद विवेक की गाड़ी के बोनट पर चढ़ के गोली मारी गई, क्योंकि गोली अगर सड़क पर खड़े होकर चलाई गई होती तो वो ऊपर से नीचे नहीं जाती। विवेक तिवारी की पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, विवेक के चेहरे के बाई तरफ प्‍वाइंट ब्लैंक रेंज से गोली मारी गई है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक विवेक की औसत बॉडी
– आंखें बंद
– विवेक का वजन- 74 किलो
– हाइट -170 सेंटीमीटर
– मुंह आधा खुला
– मुंह में ब्लड क्लॉटिंग
– चिन के बाई तरफ गोली के घाव का निशान
– घाव का साइज़ 2 सेंटीमीटर लम्बा 1 सेंटीमीटर चौड़ा और मसल्स के अंदर तक
– विवेक की मौत 29 सितम्बर की रात 2 बजके 25 मिनट पर हुई
– बुलेट 11 सेंटीमीटर तक धंसी थी
– विवेक के शरीर मे गोली ऊपर से नीचे की तरफ गई थी।

गौरतलब है कि एक कंपनी में कार्यरत विवेक तिवारी (38) की मौत 29 सितंबर की रात को कार्यालय से घर लौटते समय पुलिस की गोली लगने से हो गयी थी। उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार, सिपाही प्रशांत चौधरी ने उन्हें कार रोकने को कहा. कार नहीं रोकने पर कथित रूप से प्रशांत ने विवेक पर गोली चला दी। गंभीर रूप से घायल विवेक की इलाज के दौरान मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम में उनके सिर में गोली मिली थी।

इस मामले में दोनों आरोपी सिपाही प्रशांत और संदीप को बर्खास्त कर दिया गया है। दोनों को गिरफ्तारी करने के बाद शनिवार को ही जेल भेज दिया गया था। मृतक विवेक तिवारी का रविवार को लखनऊ स्थित बैकुंठधाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान योगी सरकार में कानून मंत्री बृजेश पाठक और कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन भी मौजूद थे।



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