योगी से मिलीं विवेक तिवारी की पत्नी, कहा- सरकार पर पूरा भरोसा Vivek Tiwari's wife, who met Yogi, said - full faith in the government



लखनऊ। लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में पुलिस के एक सिपाही की गोली लगने से मारे गए निजी कंपनी के एक प्रबंधक विवेक तिवारी के परिवार ने आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के बाद कहा कि उन्हें राज्य सरकार पर 'पूरा भरोसा' है। तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी से मिलने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं मुख्यमंत्री से मिलना चाहती थी। मैंने पहले भी कहा था कि मुझे राज्य सरकार पर भरोसा है। मेरा वह भरोसा आज और बढ़ गया। जो नहीं होना चाहिए था, कैसे हो गया। वर्तमान परिस्थितियों में मुझे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था। लेकिन मुझे मुख्यमंत्री से आज मिलने के बाद कुछ ढांढस बंधा है कि जो जिम्मेदारियां मेरे पति मेरे ऊपर छोड़कर गए हैं, शायद मैं उन्हें पूरा कर पाऊंगी। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री की आभारी हूं।'’

उन्होंने कहा, ‘‘मेरी सभी मांगें पूरी हो गयी हैं। मैं दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के अलावा नौकरी, घर और मेरी बच्चियों की पड़ाई के लिए व्यवस्था तथा मेरी सास की देखभाल के लिये व्यवस्था चाहती हूं। मुख्यमंत्री ने मेरी सभी मांगे पूरी कर दी हैं।’’ उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने तिवारी के परिवार के मुख्यमंत्री से मिलने के बाद बताया कि तिवारी का परिवार की गयी कार्रवाई से संतुष्ट है। हम पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करेंगे, जिसमें उनकी पत्नी कल्पना को उनकी शिक्षा के अनुरूप नौकरी, 25 लाख रूपये की आर्थिक सहायता, दोनों बेटियों के नाम से पांच-पांच लाख रूपये की एफडी तथा पांच लाख रूपये की एफडी विवेक की मां के नाम से करने की संस्तुति मुख्यमंत्री योगी ने दी है।

शर्मा ने कहा कि ‘‘मैं पीड़ित परिवार के संपर्क में था। मैं इन्हें पहले से जानता था, रविवार को जब मैं लखनऊ आया तो परिवार वालों से मिला। तिवारी का परिवार भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा रहा है और वह इस मामले में किसी भी तरह की राजनीति नहीं चाहते हैं।’’ इससे पहले उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी, उनके साले विष्णु शुक्ला और दोनों बेटियों के साथ मुख्यमंत्री आवास 5, कालिदास मार्ग पहुंचे। यहां परिवार के सदस्यों ने मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात की। योगी ने दोनों बेटियों को भी अपने पास बुलाकर बातचीत की।

गौरतलब है कि एक कंपनी में कार्यरत विवेक तिवारी (38) की मौत 29 सितंबर की रात को कार्यालय से घर लौटते समय पुलिस की गोली लगने से हो गयी थी। उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार सिपाही प्रशांत चौधरी ने उन्हें कार रोकने को कहा। कार नहीं रोकने पर कथित रूप से प्रशांत ने विवेक पर गोली चला दी। गंभीर रूप से घायल विवेक की इलाज के दौरान मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम में उनके सिर में गोली मिली थी। इस मामले में दोनों आरोपी सिपाही प्रशांत और संदीप को बर्खास्त कर दिया गया है। दोनों को गिरफ्तारी करने के बाद शनिवार को ही जेल भेज दिया गया था। मृतक विवेक तिवारी का रविवार को लखनऊ स्थित बैकुंठधाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान योगी सरकार में कानून मंत्री बृजेश पाठक और कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन भी मौजूद थे।



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