174 वैज्ञानिक सुलझाएंगे अपराध की गुत्थी, कातिल होगा जल्द बेनकाब 174 scientists will solve crime, murders will expose soon



  • निवाड़ी में फोरेंसिक लैब का हुआ उद्घाटन 
  • इस लैब से 16 टेस्ट किए जाएंगे। लैब में दो कोल्ड रूम बनाये गए है। एक कोल्ड रूम का तापमान 4 डिग्री और दूसरे का - 20 डिग्री सेल्सियस होगा।


गाजियाबाद, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )  उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओ पी सिंह ने गाजियाबाद के निवाड़ी में नवनिर्मित फोरेंसिक लैब का उद्घाटन कर अपराध की गुत्थी शीघ्र सुलझााने का रास्ता साफ कर दिया। इस लैब के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट की वजह से अब किसी अपराधी को सजा दिलाने में देर नहीं होगी। इस प्रयोगशाला में अभी 7 अनुभाग खोले गए हैं जबकि आने वाले कुछ दिनों में 8 अनुभाग और भी खोले जाएंगे।

विधि विज्ञान प्रयोगशाला यह उत्तर प्रदेश की पाँचवीं प्रयोगशाला है। इससे पहले लखनऊ, वाराणसी, आगरा और मुरादाबाद में इस तरह की प्रयोगशाला चल रही है। लेकिन अन्य प्रयोगशालाओं के मुकाबले गाजियाबाद की यह प्रयोगशाला काफी हाईटेक है। यहां से डीएनए टेस्ट के साथ-साथ नार्को टेस्ट कराने की व्यवस्था की जाएगी। इस प्रयोगशाला में कुल 17 विशेषज्ञ वैज्ञानिक काम करेंगे, जबकि इन के साथ कुल 174 का स्टाफ काम करेगा।

निवाड़ी में 64 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुई यह आधुनिक बिधि विज्ञान प्रयोगशाला पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पुलिस को एक बड़े हथियार के रूप में मिलने जा रहा है। पुलिस का दावा है कि यह एशिया की सबसे बड़ी फोरेंसिक लैब होगी। अब पुलिस को बिसरा रिपोर्ट के लिए महीनों और कभी - कभी सालों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब नार्को टेस्ट के लिए बेंगलूरू की भागदौड़ नहीं करनी पडे़गी। यह टेस्ट कराने के लिए दूसरे प्रदेशों के सैंपल भी यहां आयेंगे। यहां 16 टेस्ट किये जायेंगे। 

मेरठ रेंज में होने वाली घटनाओं की फॉरेंसिक जांच अभी तक आगरा और मुरादाबाद सैंपल भेजे जाते रहे हैं। जिसकी रिपोर्ट आने में महीनों और कभी-कभी साल भी लग जाते थे। इस वजह से अपराधी को सजा दिलाने में काफी देरी हो जाती थी। इसलिए, प्रयोगशाला में खासतौर पर पोक्सो एक्ट से जुड़ी सभी सैंपल्स को फास्ट ट्रेक पर जांच करने की व्यवस्था की गई है ताकि रेप और गैंगरेप की घटना करने वाले अपराधियों को फास्ट ट्रैक के तहत सजा दिलाई जा सके। इसके अलावा फॉरेंसिक साइंस और साइबर क्राइम की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

यह लैब करीब 6 साल से यूपी पुलिस बनवा रही है। आगरा के बाद दूसरी यह हाईटेक फोरेंसिक लैब बन कर तैयार हुआ हैं। लैब के डिप्टी डाॅयरेक्टर डाॅ0 सुधीर सिंह ने बताया कि लैब में आधुनिक 16 टेस्ट किये जायेंगे। बेंगलुरू के लैब में 10 प्रकार के टेस्ट किये जाते हैं। इस लैब के बनने से मेरठ और सहारनपुर मंण्डल के अलावा आसपास के अन्य जिलों को भी सीधा फायदा मिलेगा। लैब में कुल 16 विशेषज्ञ वैज्ञानिक समेत 174 लोग काम करेंगे। अभी 110 की तैनाती हो चुकी है। लैब में दो कोल्ड रूम बनाये गए है। एक कोल्ड रूम का तापमान 4 डिग्री और दूसरे का - 20 डिग्री सेल्सियस होगा। 



Share on Google Plus

0 comments:

Post a Comment