मोदी ने 18 राज्यों के 129 जिलों में किया शहरी गैस वितरण परियोजनाओं का शिलान्यास Modi laid the foundation stone of urban gas distribution projects in 129 districts of 18 states



नई दिल्ली, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 18 राज्यों के 129 जिलों में वाहनों के लिए सीएनजी तथा घारों में रसोई के लिए पाइप के जरिये प्राकृतिक गैस पहुचाने की परियोजना का रिमोट दबा कर शिल्यानास किया। साथ ही उन्होंने शहरी गैस वितरण लाइसेंस के लिए 10 वें दौर की निलामी प्रक्रिया शुरू होने की भी घोषणा की। 

प्रधानमंत्री ने इस मौके पर कहा कि इन सभी परियोजनाओं के अमल में आने के बाद इेश के करीब 400 जिलों में प्राकृतिक गैस के रूप में स्वच्छ इ्रर्धंन की उपलब्धता होगी और बिना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाये देश में ऊर्जा का विकास होगा। उन्होंने कहा कि पूरे देश में गैस नेटवर्क का विस्तार होने से नये उद्यम शुरू होंगे और प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से तीन लाख से ज्यादा नौजवानों को रोजगार मिल जायेंगा।   

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार वाहनों तथा खाने पकाने के लिये पर्यावरण अनुकूल प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल कर आर्थिक गतिविधियों में कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने को लेकर गंभीर है। इस अवसर पर उन्होंने जहां शहरी गैस वितरण के 9वें दौर में आवंटित परियोजनाओं का बिहार, ओडीशा, झारखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडू, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सहित 18 राज्यों के 129 जिलों में शिलान्यास किया वहीं देश के 124 नये जिलों में शहरी गैस लाइसेंस देने के लिये 10वें दौर की बोली की शुरूआत की। ये जिले इस परियोजना के तहत 50 भौगोलिक क्षेत्रों में चिह्नित किए गए हैं।

मोदी ने कहा, ‘‘बुनियादी ढांचा विकास में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।’’ उन्होंने कहा कि 10वां दौर पूरा होने के बाद ईंधन के रूप में प्राकृतिक गैस की पहुंच 400 जिलों और 70 प्रतिशत आबादी तक हो जायेगी।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि शहरों में नेटवर्क विस्तार के लिये 10वें दौर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पाइप के जरिये रसोई गैस सुविधा पाने वाले परिवारों की संख्या 2 करोड़ तक पहुंच जाएगी। फिलहाल 32 लाख ग्राहक पाइप के जरिये गैस प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएनजी स्टेशन की संख्या भी दोगुनी से अधिक 10,000 पहुंच जाएगी।

पेट्रोलियम एवं गैस विपणन क्षेत्र के नियामक पीएनजीआरबी (प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड) ने कुछ ही सप्ताह पहले नौवें दौर में बोली के लिये रखे गये 86 भौगोलिक क्षेत्रों में 78 के लिये लाइसेंस आबंटित किया।



Share on Google Plus

0 comments:

Post a Comment