धोषित शांत क्षेत्र में पटाखा फोड़ना बर्जित Charged for cracker blast in a dormant cool area



गाजियाबाद, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )  अपर  जिला मजिस्टेªट (नगर) गाजियाबाद हिमांशु गौतम ने बताया कि  सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 23 अक्टूबर 2018, 30 अक्टूबर .2018 एवं 31 अक्टूबर 2018 के सन्दर्भ में ध्विन प्रदूषण (विनियम एवं नियंत्रण ) नियम 2000 के अनुसार घोषित शान्त क्षेत्र (अस्पताल, नर्सिग होम, प्राथमिक एवं जिला हेल्थ केयर सेन्टर, शैक्षिणक संस्थान, न्यायालय, धार्मिक स्थल एवं अन्य घोषित क्षेत्र) के 100 मी0 के अन्दर पटाखें ना फोडे जायें। जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षाधिकारी एवं निजि विद्यालयों के संगठनों के माध्यम से शैक्षिणक संस्थानों में बच्चों को पटाखों के दुष्प्रभावों के सम्बन्ध में संवेदन शील बनाया जाये एवं शिक्षित किया जाये।   

इण्डियन मैडिकल एसोसिएसन, बडे निजी अस्पताल, मुख्य चिकित्साधिकारी अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, इस सम्बन्ध में एक परामर्षिका जारी करें। उ0प्र0 के एन0सी0आर0 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विशिष्ट निर्देश दिये गये है। उनका अनुपालन सुनिश्चित हो। ऐसे पटाखों का विक्रय प्रतिबन्धित रहेगा जिनमें एंटीमनी, लीथियम, मरकरी, आरसेैनिक लेड, के कम्पाउन्ड या बेरियम साल्ट का प्रयोग किया गया हो श्रृंखला बद्व पटाखें व लड़ी का विक्रय प्रतिबन्धित रहेगा। 

पटाखों को आॅन लाइन वेवसाईड जैसे फिल्पकार्ट, अमेजौन इत्यादि के माध्यम से भी नही बेचे जायेगे। विशेष रूप से पैकेजों एवं विस्फोटकों पर चिन्हाकन के सम्बन्ध में विस्फोटक नियम 2008 के नियम 15 का तथा त्योैहारों के दौरान आतिशबाजी के कब्जें और विक्रय के लिए अस्थाई दुकानों के सम्बन्ध में बिस्फोटक नियम, 2008 के नियम 84 में उल्लेखित प्रावधानों का कडाई से अनुपालन सुनिश्चित करेगा। यदि एल0ई0-5 की कोई शर्त उच्चतम न्यायालय के प्रश्नगत निर्णय में दिये गये निर्देषो के विपरीत है तो उसे उस स्तर तक निरस्त व संषोधित माना जायेगा। जिस स्तर तक वह  उच्चतम न्यायालय के निर्देषों के विपरीत है।       




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