जय -जयकारे से गूंज उठा शिवपुरी महाबीरी अखाड़ा का मेला Jai-jaykarare echoing the Shivpuri Mahabari Akhada fair




सवनहा गांव और पेनुला मिश्र गांव के महाबीरी अखाड़ा शिवपुरी में आया

शांति पूर्वक संपन्न हुआ मेला, दोनों गांवों ने किया अपने शौर्य का प्रदर्शन

मेला को सफल बनाने में गोपालपुर थाना और फुलवरिया थाना का रहा पूर्ण सहयोग

गोपालगंज, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )  शिवपुरी महाबीरी अखाड़ा मेला आज हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो गया। सवनहा और पेनुला मिश्र दोनों गांवों का अखाड़ा प्रति वर्ष शिवपुरी में आता है और यहां भव्य मेला लगता है। भारी संख्या में यहां भीड़ जुटती है। इस अवसर पर दोनों गांव अपने शौर्य का प्रदर्शन करते है।

बिहार में महाबीरी अखाड़ा मेला का वर्षो पुराना प्रचलन है। इस मौके पर दोनों गांव करीब एक माह पहले से ही महाबीरी अखाड़ा की तैयारी शुरू कर देते हैं। दोनो तरफ से महाबीर जी की मूर्ति बनाई जाती है। मेला से एक दिन पहले दोनों गांवों में गवारा घुमाया जाता है। रात में बैंडबाजों के साथ महाबीर जी की मूर्ति गांव के हर घर के दरवाजे पर रखा जाता है, जिसे परिवार के सदस्यों द्वारा पूजा होती है और दूसरे दिन महाबीर जी की मूर्ति के साथ पूरे गांव के लोग जुलूस के रूप में लाठी, भाला, तलवार जैसे शौर्य प्रदर्शन के हथियार लेकर मेला तक जाते है। इस मौके पर महाबीर जी की जयकारे से पूरा वातावरण गूंजयमान हो जाता है। मेला में दोनों गांव जयकारे, शौर्य प्रदर्शन, हाथी, घोड़े, बाजा और कई तरह के शारीरिक प्रदर्शन कर अपनी शक्ति को दर्शाते हैं। 

इस बार सवनहा गांव के तरफ से बड़े स्तर पर तैयारी कर अखाड़ा निकाला गया । गांव के युवाओं ने कई तरह की पहले से ही तैयारी शुरू कर दिये थे। सभी युवाओं ने एक ही कलर के ड्रेस पहन और हाथों में हथियार लेकर जय - जयकारे लगाते हुए गांव से बैजलहां गांव के तरफ से मेला के लिए चल दिए। इस अवसर पर गांव के बड़े - बुजुर्ग भी युवाओं को मार्ग दर्शन करने एवं जुलूस को शांतिपूर्वक ले जाने के लिए आगे - आगे चल रहे थे। बैजलहा गांव में मुस्लिम समुदाय के होने के कारण हर वर्ष गोपालपुर थाना और फुलवरिया थाना के पुलिसकर्मी भारी व्यवस्था के साथ खड़े रहते है। जुलूस बैजलहां , निरजलहा गांव, ठाकुरगंज बाजार और पेनुला गांव होते हुए श्विपुरी मेला में पहुंचा। इस मौके पर सवनहां गांव के अखाड़ा को बैजलहा गांव और निर्जलहा गांव में भव्य स्वागत किया गया तथा नमकिन, विस्कुट और मिठाई से पानी पिलाया गया। बैजलहा गांव में गांव के पुरोहित अशोक पंडित के तरफ से तथा निर्जलहा गांव में संजय डाॅक्टर के तरफ से लोगों के स्वगत जल का प्रबंध किया गया था। आगे ठाकुरगंज बाजार में पंचायत के सरपंच हीरालाल तिवारी के तरफ से शर्बत ओर नमकीन की व्यवस्था की गई थी। 

जुलूस में भारी संख्या में लोगों के होन के कारण मेला में भारी भीड़ हो गई और मेले की रौनकता में चार चांद लग गई। मेला में दोनों तरफ से आरकेस्ट्रा बाजा एक - दूसरे से आगे निकलने के होड़ में बज रहे थे। कही घोड़ा दौड़ रहा था तो कही युवाओं द्वारा कालाबाजी व जयकारे की जा रही थी। पटाखों के शोर से मेले की खुशी और ज्यादा बढ़ गई। 

इस मौके पर गांव के सरपंच हीरालाल तिवारी, दीनानाथ तिवारी, श्रीकांत तिवारी, अजय त्रिपाठी, वार्ड सदस्य के पति संतोष तिवारी, अनिल तिवारी, उदयनारायण तिवारी, अरविन्द तिवारी, रमेश तिवारी लालबाबू तिवारी, बच्चा तिवारी, राजेन्द्र तिवारी, रामबहादुर तिवारी, लखदेव तिवारी, मनोज तिवारी, धमेन्द्र तिवारी आदि लोगों ने मेला को सफल बनाने में अपना पूर्ण सहयोग दिया। पंचायत के मुखिया पति अनिल मिश्र ने वहां मेले में आये लोगों के स्वागत में टेंट लगा उसमें कुर्सी व पानी की व्यवस्था किये थे। लेकिन इस बार मुखिया द्वारा अपने गांव के तरफ टेंट लगाने का कई लोगों ने आलोचना भी किया। सवनहा गांव का अखाड़ा सफल बनाने में इस बार युवाओं में सतेन्द्र  तिवारी, रवि तिवारी, मणीकांत तिवारी, पंकज तिवरी , सोनू तिवारी, महेश साह, प्रिंस तिवारी, युगल तिवारी आदि युवाओ ने बहुत मेहनत की ।    



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