डीएम ने किया उप निबन्धक कार्यालयों का औचक निरीक्षण DM did surprise inspection of Deputy Managing Offices




गाजियाबाद, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )   जन समान्य से उप निबन्धक कार्यालयों की कार्य प्रणाली एवं वरती जा रही अनियमिततओं के सम्बन्ध में प्राप्त शिकायतों के क्रम में आज  जिलाधिकारी गाजियाबाद द्वारा मुख्य विकास अधिकारी, गाजियाबाद, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गाजियाबाद एवं सहायक निबन्धक, स्टाम्प गाजियाबाद के साथ कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। 

उत्तर प्रदेश से बाहर के निवासियों द्वारा किसी धार्मिक संस्था का विवाह प्रमाण पत्र प्रस्तुत करते हुए विवाह पंजीकरण करायें जाने की शिकायत के सम्बन्ध में उप निबन्धक पंचम के कार्यालय का निरीक्षण किया गया। विवाह पंजीकरण के लिए कार्यालय में उपस्थित श्री विनोद एवं सुश्री प्रियंका से पूछताछ पर ज्ञात हुआ कि वह राजस्थान राज्य के निवासी है। जनपद गाजियाबाद में विवाह पंजीकरण करायें जाने के सम्बन्ध में पूछने पर वह कोई सन्तोषजनक जबाव नही दे सकें। उनके द्वारा बताया गया कि वे वकील साहव से मिले थे जिन्होने विवाह पंजीकरण कराने की जिम्मेदारी ली है। यह भी ज्ञात हुआ कि दोनो की अभी तक शादी नही हुई है। उप निबन्धक पंचम से प्रदेश के बाहर के निवासियों के विवाह का पंजीकरण जनपद गाजियाबाद में करायें जाने के सम्बन्ध में पूछने पर कोई सन्तोषजनक जबाव नही दे सकें। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि जनपद में विवाह पंजीकरण कराने के लिए एक बड़ा रैकेट कार्य कर रहा है। इसको चिन्हीत करते हुए कठोर कार्यवाही किये जाने की आवश्यकता है। मौके पर उपस्थित समस्त उप निबन्धकों को निर्देशित किया गया कि उत्तर प्रदेश राज्य के बाहर के निवासियों द्वारा विवाह पंजीकरण हेतु यदि किसी धार्मिक संस्था का विवाह प्रमाण पत्र प्रस्तुत करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया जाता है तो उसके सम्बन्ध में गहनता से जाॅच किया जाना आवश्यक है अन्यथा की स्थिति में ऐसे उप निबन्धकों के विरूद्ध एफ0आई0आर0 की कार्यवाही की जायेगी। जिलाधिकारी द्वारा समस्त उप निबन्धकों से विवाह पंजीकरण के सम्बन्ध में विगत एक वर्ष का आकड़ा मांगा गया है जिससे यह स्थिति स्पष्ट हो सके कि विवाह पंजीकरण के ऐसे कितने प्रकरण है कि जिनमें दोनो पक्ष कार (वर एवं वधु) उत्तर प्रदेश राज्य के बाहर के निवासी है। 
कार्यालय में सम्पत्ति के पंजीकरण के सम्बन्ध में आये हुए लोगो से अवैध धन वसूली के सम्बन्ध में पूछे जाने पर अवगत कराया गया कि उनसे ऐसे किसी प्रकार की मांग नही की गयी है। उप निबन्धक तृतीय के कार्यालय में उपस्थित महिला श्रीमती सीता देवी निवासी विहार राज्य से पूछताछ में ज्ञात हुआ कि वह जिला फरीदाबाद की प्लाट की रजिस्ट्री के लिये आयी है। छानवीन पर ज्ञात हुआ कि प्रकरण पाॅवर आॅफ अटार्नी का है। हरियाणा राज्य की सम्पत्ति की पाॅवर आॅफ अटार्नी जनपद गाजियाबाद में पंजीकृत किये जाने के सम्बन्ध में पूछताछ करने पर उप निबन्धक तृतीय द्वारा अवगत कराया गया कि पाॅवर आॅफ अटार्नी पूरे भारत वर्ष में कहीं भी पंजीकृत करायी जा सकती है। उपस्थित उप निबन्धकों को निर्देशित किया गया कि जनपद से बाहर की सम्पत्तियों के पाॅवर आॅफ अटार्नी के सम्बन्ध में पूरी छानवीन करने के पश्चात ही कार्यवाही की जायें। 
जिलाधिकारी द्वारा उप निबन्धकों से विभिन्न बिल्डरों द्वारा पंजीकृत करायी जा रही सम्पत्ति की सूचना मांगी गयी और निर्देशित किया गया कि उनकी अध्यक्षता में बिल्डरों के साथ सम्पन्न हुई विगत दो बैठकों के पश्चात जिन बिल्डरों द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में पंजीकरण की कार्यवाही नही की गयी है उनके विरूद्ध एफ0आई0आर0 दर्ज करायीं जायें।
जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा जिन कालोनियों को अवैध घोषित किया गया है उनमें क्रय/विक्रय के पंजीकरण की कार्यवाही नही की जायें। यदि किसी उप निबन्धक द्वारा निर्देशों का पालन नही किया जाता तो उनके विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। 



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