केवाईएस ने बुलंदशहर में हुई भीड़ द्वारा हिंसा की कड़ी भर्त्सना करते हुए जन रैली का किया आयोजन KYS organized mass rally, strongly condemning violence by crowds in Bulandshahr



  • आम जनता की रक्षा करने वाले जनतांत्रिक संस्थानों पर हमलों और आराजकता के खिलाफ उठाई आवाज
  • इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के हत्यारों को तुरंत पकड़कर सजा देने की माँग उठायी
  • साम्प्रदायिक सौहार्द के लिए आसफ अली प्रतिमा से शहीदी पार्क तक जन-रैली का किया आयोजन


नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता )  क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) बीते 3 दिसंबर को बुलंदशहर में हुई भीड़ द्वारा हिंसा की कड़ी भर्त्सना करता है। यह घटना देश में भीड़ द्वारा हो रही हिंसा की घटनाओं में एक और कड़ी है।

ज्ञात हो कि इस तरह संगठित भीड़ द्वारा हिंसा को सुनियोजित तरीके से अफवाहों द्वारा भड़काने की मुहीम पुरजोर तरीके से चल रही है। इस घटना में भी, यह अफवाह फैलाई गयी थी कि एक हिन्दू समुदाय के व्यक्ति की जमीन पर गाय के टुकड़े फेंके गये हैं, जिसको अभी तक साबित नहीं किया गया है। मगर, लोगों में एक सम्प्रदाय विशेष के खिलाफ नफरत को इतना भड़काया जा रहा है कि सिर्फ यह अफवाह ही भीड़ द्वारा हिंसा पर उतारू होने के लिए काफी थी। इस स्थिति में, हमारे जनतांत्रिक राजनैतिक ढांचा और संस्थान भी खतरे में हैं। इस घटना में मौके पर मौजूद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह जो भीड़ को शांत करने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें भीड़ द्वारा ही बेरहमी से मार दिया गया। इस से साफ प्रतीत होता है कि आज देश भर में भीड़तंत्र और अराजकता फैली हुई है और भीड़ उन संस्थानों को भी नहीं छोड़ रही है जो आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए बनाये गये हैं।

इसके अतिरिक्त, धर्म और गौ-रक्षा के नाम पर भीड़ द्वारा हिंसा घटनाओं ने ऐसा माहौल पैदा किया है कि कानून को लागू करना भी काफी समस्यापूर्ण हो गया है। इस स्थिति में अपराधियों को खुलेआम कानून तोड़ने और हिंसा करने की आजादी मिली हुई है। कानून के डर से भय-मुक्ति बिना सरकार के समर्थन के नहीं आ सकती है। केवाईएस इन घटनाओं की कड़ी भर्त्सना करता है और माँग करता है कि दोषियों को तुरंत पकड़कर सख्त सजा दी जाए। केवाईएस आने वाले दिनों में भीड़तंत्र और अराजकता के खिलाफ अपना आन्दोलन और भी तेज करेगा। इसी आन्दोलन की कड़ी के तौर पर केवाईएस ने अन्य प्रगतिशील संगठनों के साथ मिलकर 6 दिसंबर को साम्प्रदायिकता विरोधी दिवस भी मनाया था, जिसके तहत आसफ अली प्रतिमा से शहीदी पार्क तक रैली निकाली गयी थी। केवाईएस देश के सभी जनवादी लोगों से अपील करता है कि वो इन घटनाओं के खिलाफ लड़ाई में साथ आयें ताकि साम्प्रदायिक सौहार्द और जनवादी राजनैतिक संस्थानों को बचाया जा सके।  




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