‘सच्चे दिन वनाम अच्छे दिन’ के माध्यम से 2019 फतह करना चाहती है कांग्रेस Congress wants to fulfill 2019 through 'True Day Vaam Khaara Din'



गाजियाबाद, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )  आॅल इंण्डिया प्रोफेशनल कांग्रेस की मीटिंग का आयोजन कांग्रेस द्वारा आइटीएस काॅलेज में किया गया। कांग्रेस इसे ‘सच्चे दिन वनाम अच्छे दिन’ की वाकयुद्ध के माध्यम से 2019 की आम चुनाव में सफलता की कसौटी मान रही है। कांग्रेस के इस विंग का कमांडर शशि थरूर को बनाया गया है जो देश के बुद्धिजीवी वर्ग से दोनों के तुलनात्मक अध्ययन कर देश के बागडोर को उसके हाथों में सौपने का आवह्न कर रहे है। आज इसी कड़ी में मंथन का दौर गाजियाबाद में चलाया गया। इस मौके पर पूर्व मंत्री डाॅ0 अनीता सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री जतीन प्रसाद, डाॅ0 संजय सिंह, संजय झा, जयवीर सिंह व प्रदेश प्रवक्ता राजीव त्यागी जैसे दिग्गज जुटे हुए थे। 

खचाखच भरा आईटीएस के चाणक्य हाॅल में लोगों को संबोधित करते हुए डाॅ0 अनीता सिंह ने कहा कि आज पूरा देश अच्छे दिन कहां है इसी खोज में लगा हुआ है। मोदी जी 2013 में कहते थे कि मुझे 60 वर्ष के समय के बदले 60 माह का समय दे दो, मैं आपको अच्छे दिन लाकर दिखा दूंगा। अब एक बार फिर 60 माह का समय जनता से मांग रहे है। उन्होंने लोगों से प्रश्न पूछते हुए कहा कि - क्या आप लोगों को अच्छे दिन कही नजर आता है। मुझे तो कही भी दिखाई नहीं दे रहा। लोगों का जवाब मिलता है - कही भी अच्छे दिन नहीं है। सिर्फ धोखा है। उन्होंने आगे पूछा - जब इस बार दिया गया 60 माह में अच्छे दिन नहीं आये तो क्या अगले 60 माह में अच्छे दिन आ जायेंगे। उन्होंने कहा कि आज लड़ाई है ‘सच्चे दिन वनाम अच्छे दिन।’ 

इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री जतीन प्रसाद ने कहा कि अच्छे दिन के लालच में लोगों को नोटबंदी, जीएसटी जैसी परेशानियों से जुझना पड़ा। नोटबंदी के नाम पर सैकड़ों लोगों के मौत से खेलनेवाली बीजेपी सरकार है, जिसे लोग कभी भी भूल नहीं पायेंगे। इस मौके पर डाॅ0 संजय सिंह, संजय झा, जयवीर सिंह, राजीव त्यागी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।  हालांकि इस मंथन के दौर में बुद्धिजीवी कम और पार्टी के कार्यकर्ता ज्यादा दिखाई दिए। नारेबाजी के दौरान गुटबाजी स्पष्ट रूप से दिखाई दी। इस अवसर पर जिला के सभी वरिष्ठ कांग्रेसी सुरेन्द्र प्रकाश गोयल, सतीश त्यागी, ओमप्रकाश शर्मा, हरेन्द्र कसाना, नरेन्द्र भारद्वाज, डौली शर्मा,बबली नागर, विजेन्द्र यादव, पूजा चड्डा, नसीम खान आदि मौजुद रहे। 

कार्यक्रम शुरू होने से पहले पुलिस के लिए आईटीएस सरदर्द बन गया, क्योंकि उसी समय वहां बीजेपी के द्वारा भी एक आयोजन हो रहा था। दोनों पार्टी के कार्यकर्ता जब काॅलेज में पहुंचने लगे और गेट पर सिक्योरिटी गार्डो से बहस होने लगा तब वहां तनाव की स्थिति न बन जाय इसलिए पुलिस की जिप्सी वहां पहुंच गई। एक जिप्सी मेन गेट पर तो दूसरी जिप्सी काॅलेज के परिसर के अंदर दोनों तरफ के हिस्सों को बांटने वाले मध्य परिसर में बैरेकिट के पोजिशन में खड़ी हो गई। वहां पुलिसकर्मी बीचों - बीच तैनात हो गए। हालांकि काॅलेज में दो गेट होने के कारण दोनों पार्टियां अलग - अलग गेट से अपने आयोजन में व्यस्त हो गई। यह भी आज वहां चर्चा का विषय रहा।  



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