नया भारत बनाने में जुटी है मोदी सरकार: काेविंद Modi government is engaged in creating a new India: Kevind



नयी दिल्ली ।  राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नोटबंदी, जीएसटी, आर्थिक आधार पर आरक्षण और सर्जिकल स्ट्राइक की सराहना करते हुए कहा है कि मौजूदा सरकार ने देश को अनिश्चितता के दौर से निकालकर ऐसा नया भारत बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं जहां हर व्यक्ति को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो और उसे न्याय मिले तथा उसकी गरिमा सुरक्षित हो। 

राष्ट्रपति ने गुरूवार को संसद के बजट सत्र की शुरूआत पर दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के कार्यकाल का लेखा-जोखा पेश किया और कहा कि वह हर वर्ग के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। सरकार ने काले धन और भ्रष्टाचार को खत्म करने और लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कई कदम उठाये हैं। इसके साथ ही गरीबों, महिलाओं ,युवाओं और मध्य वर्ग के सशक्तीकरण के लिए अनेक पहल की है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था को ऐतिहासिक करार देते हुए उन्होंने कहा कि इससे उन युवक युवतियों के साथ न्याय होगा जो गरीबी के अभिशाप के कारण अपने को वंचित महसूस करते हैं। 

सरकार की राजनयिक सफलता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उसके प्रयासों से आज भारत की आवाज वैश्विक मंचों पर सम्मान के साथ सुनी जाती है। स्वाधीनता की 75 वीं वर्षगांठ के उत्सव के साथ देश 2022 में जी-20 देशों के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा जिससे भारत का वैश्विक प्रभाव और बढेगा। सीमा पर आतंकियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक करके देश ने नयी नीति और नयी रीति का परिचय दिया है। 

श्री कोविंद ने कहा कि सरकार ने देश की बेहतरी के लिए अनेक बदलाव किये हैं और यह प्रक्रिया जारी रहेगा। सरकार प्रतिस्पर्धी सहकारी संघवाद की व्यवस्था को निरंतर मजबूत करने में लगी है। तेजी से काम पूरे करने और जवाबदेही पर जोर देने से सरकार पर लोगों का विश्वास बढा है और विकास को नयी गति मिली है। पिछले साढे चार वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था औसतन 7.3 प्रतिशत की दर से बढी है। उसने देश के व्यापक आर्थिक एकीकरण के अधूरे काम को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। 

उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों की स्थिति सुधारने और 70 वर्ष से चली आ रही कृषि व्यवस्था में बदलाव लाने के लिए भी कई कदम उठाये गये हैं। समाज में व्याप्त हर प्रकार के अभाव और अन्याय को समाप्त करने की संवदेनशील सोच के साथ सरकार ने सामाजिक और आर्थिक न्याय के लिए कानून व्यवस्था में समुचित परिवर्तन करने के प्रयास किये हैं। वह गरीब महिलाओं और बच्चों में कुपोषण समाप्त करने के लिए पूरी ताकत से काम कर रही है। 

राष्ट्रपति ने दो-तीन महीने बाद होने वाले आम चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि इस वर्ष देश 21वीं सदी के सशक्त , स्वावलंबी और समृद्ध नये भारत के लिए निर्णायक दिशा तय करेगा। 



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