पाकिस्तान का दोमुंहापन उजागर: भारत Pakistan's double-faced exposed: India



नयी दिल्ली । भारत और पाकिस्तान में एक-दूसरे के उच्चायुक्तों को तलब किये जाने से उपजे कूटनीतिक तनाव के बीच भारत ने पाकिस्तान पर गुरुवार को दोमुंहेपन का आरोप लगाया और कहा कि एक ओर वह शांति एवं मित्रता की बात करता है और दूसरी ओर वह भारत की एकता, संप्रभुता और प्रादेशिक अखंडता को आघात पहुंचाने की पुरजोर कोशिश कर रहा है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के कश्मीरी अलगाववादी नेता एवं ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के उदारवादी गुट के प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक से टेलीफोन पर बातचीत किये जाने के बाद हुए इस घटनाक्रम के बारे में एक सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार से संवाददाताओं से कहा, “इस कदम से एक बार फिर इस बात की पुष्टि हुई है कि पाकिस्तान आधिकारिक रूप से ऐसे तत्वों को बढ़ावा देता है और उकसाता है जो आतंकवाद एवं भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़े हैं।”

श्री कुमार ने कहा कि पाकिस्तान की करतूतों से उसकी सरकार के दो चेहरे उजागर हो गये हैं। एक जो शांति एवं भारत से अच्छे रिश्तों की बात करता है और दूसरा चेहरा वह जो पूरी तरह से भारत विरोधी कामों में लिप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान बार-बार लोगों को भारत के विरुद्ध खुल कर बोलने के लिए भड़का रहा है। 
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का यह कड़ा बयान ऐसे समय आया है जब कल रात विदेश सचिव विजय गोखले ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त सुहैल महमूद को तलब करके पाकिस्तानी विदेश मंत्री के कदम पर कड़ा विरोध व्यक्त किया था जबकि भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को इस्लामाबाद में गुरुवार को तलब किया गया था।
प्रवक्ता ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान को यह साफ साफ शब्दों में कह दिया है कि श्री कुरैशी का यह कदम न केवल भारत की एकता, संप्रभुता एवं प्रादेशिक अखंडता के विरुद्ध है बल्कि उसके आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप है। वह आतंकवाद एवं भारत विरोधी तत्वों को उकसाने का काम कर रहे हैं। 

श्री कुरैशी के अगले माह ब्रिटेन की संसद के निचले सदन में संबोधन में कश्मीर का विषय उठाने एवं में कश्मीर के बारे में एक सम्मेलन में भाग लेने के विषय में एक सवाल के जवाब में श्री कुमार ने कहा कि भारत ने ब्रिटेन को पूरी स्थिति से अवगत कराया है और कहा कि उनकी धरती का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को उम्मीद है कि एक मित्र देश एवं रणनीतिक साझीदार ब्रिटेन की सरकार इस संबंध में समुचित कदम उठाएगी।





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