मेवाड़ में मची देशभक्ति गीतों व नृत्यों की धूम Patriotic songs and dances in Mewar



  • गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया
  • चेयरमैन डाॅ अशोक कुमार गदिया ने झंडारोहण कर कृतज्ञ राष्ट्र को किया नमन



गाजियाबाद, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )  ‘सारे जहां से अच्छा, हिन्दुस्तां हमारा’ थीम को लेकर वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशंस आॅडिटोरियम में 70वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों पर आधारित नृत्य, कविताएं व सम्भाषणों के जरिये अपने गणतंत्र को कृतज्ञ भाव से याद किया गया।  गणतंत्र दिवस की सुबह मेवाड़ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डाॅ. अशोक कुमार गदिया ने इंस्टीट्यूशंस परिसर में तिरंगा फहराया। मेवाड़ परिवार ने राष्ट्रगान गाकर अपनी भावांजलि देश को समर्पित की। मेवाड़ आॅडिटोरियम में चेयरमैन डाॅ. गदिया ने कहा कि पिछले 70 वर्षों में हमारे देश ने खूब तरक्की की है। दो-तीन बड़े देशों को छोड़कर हमारी किसी और देश से तुलना नहीं होती। हम अतुलनीय हैं। हमारा देश वंदनीय है। 130 करोड़ की आबादी, विभिन्न संस्कृति, विभिन्न बोलियां, अलग रहन-सहन, खान-पान होने के बावजूद हमारा देश एक है। और यह हमारे मजबूत गणतंत्र की अमर पहचान है। 

इससे पूर्व बीए विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना व वंदेमातरम से समारोह की विधिवत शुरुआत की। समारोह की सबसे आकर्षक प्रस्तुति थी विभिन्न राज्यों के पारम्परिक नृत्य। अंत में मेवाड़ इंस्टीट्यूशंस की निदेशिका डाॅ. अलका अग्रवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया और कहा कि मेवाड़ देशभक्ति के कार्यक्रमों के जरिये पूरे एनसीआर में धूम मचाये हुए है। उन्होंने एक कविता के जरिये आज और कल के सामाजिक चलन पर टिप्पणी की। जिसकी सभी ने खूब सराहना की। संचालन अमित पाराशर ने किया।  

डी.ए.वी. साहिबाबाद में गणतंत्र दिवस समारोह 
साहिबाबाद, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो ) डी.ए.वी.पब्लिक स्कूल, राजेन्द्र नगर साहिबाबाद में विद्यालय प्रधानाचार्य  वी.के.चोपड़ा जी ने समस्त स्टाफ की उपस्थिति में ध्वजारोहण कर गणतंत्र दिवस समारोह का शुभारम्भ किया। 

राष्ट्र गान के उपरांत अपने संबोधन में प्रधानाचार्य ने कहा कि आज राष्ट्र को मात्र अतीत के गौरव को स्मरण करना ही नहीं अपितु उसकी रक्षा हेतु तत्पर रहना है। उन्होंने राष्ट्र के लिए सर्वस्व समर्पण करने वाले शूरवीरों को भावपूर्ण पुष्पांजलि देते हुए कहा कि युवा पीढी ही उनके मूल्यों की रक्षा कर सकती है अतः युवा वर्ग को अपने स्वार्थों से ऊपर उठना होगा तथा शिक्षा एवं समर्पण से देश की सेवा करनी होगी।



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