छेड़ने वालों को भारत छोड़ता नहीं : मोदी India does not leave tease to India: Modi



धुले, (महाराष्ट्र ) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि देश की नीति रही है कि पहले किसी को छेड़ना नहीं है लेकिन छेड़े जाने के बाद सामने वाले को छोड़ना नहीं है, श्री मोदी ने कहा कि ‘नया भारत नयी रीति और नयी नीति’ का देश है। उन्होंने कहा,“ देश की नीति रही है कि हम किसी को छेड़ते नहीं है लेकिन किसी ने हमें छेड़ा तो हम उसे छोड़ते नहीं हैं।”

महाराष्ट्र के दौरे पर आए श्री मोदी ने घुले में कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करने के बाद जन समूह को संबोधित करते हुए कहा “ आज एक ऐसे समय पर मैं आप सभी के बीच में आया हूं जब पुलवामा में हमारे जवानों और हमले को लेकर देश आक्रोशित है। एक तरफ देश गुस्से में है तो दूसरी तरफ हर आंख नम है। एक देश के नाते हमारा काम यहीं से शुरू होता है जिन्होंने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया, उनके परिवार के साथ हम हमेशा खड़े रहे।” उन्होंने कहा,“ यह संयम, संवेदनशीलता और शोक का समय है लेकिन हर परिवार को मैं यह भरोसा देता हूं कि हर आंसू का हिसाब लिया जायेगा।”

भारत को नयी रीति और नयी नीति का देश बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “ भारत नयी रीति और नयी नीति का देश है, ये अब दुनिया भी अनुभव करेगी। भारत की ये नीति रही है कि हम किसी को छेड़ते नहीं हैं लेकिन किसी ने छेड़ा तो हम छोड़ते भी नहीं हैं।” उन्होंने कहा कि बंदूक चलाने वाला हो या बंदूक पकड़ाने वाला, बम दागने वाला या बम देने वाला, हमारे बहादुर सुरक्षा बल किसी को चैन से सोने नहीं देंगे। सुरक्षा बलों पर पूरा भरोसा जताते हुए श्री मोदी ने कहा कि पहले भी जवानों ने इसे कर दिखाया है और आगे भी कोई कसर छोड़ी नहीं जायेगी।”

इस मौके पर श्री मोदी ने कहा कि धुले शहर में औद्योगिक शहर बनने की पूरी संभावना है। यह ऐसी जगह स्थित है जहां से देश के अलग-अलग शहरों में व्यापार की संभावना है। यहां से कई बड़े-बड़े राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं। आज यहां की संपर्कता को और सशक्त करते हुए दो रेल लाइनों का शिलान्यास किया गया है।
उन्होंने कहा कि तापी नदी की जल धारा जिस धुले से होकर गुजरती है, वह लंबे समय से पानी के लिए तरसता रहा है। पीने के पानी और सिंचाई के लिए पानी दोनों चुनौतियों को कम करने के लिए आज बड़ा प्रयास हुआ है। एक दशक पहले उधना, जलगांव रेल लाइन के चौड़ीकरण की फाइल शुरू हुई थी, जिसको अब जाकर पूरा किया जा सका है। इस लाइन के दोहरीकरण के साथ.साथ इसका विद्युतीकरण भी पूरा हो चुका है।


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