तीन सौ करोड़वीं थाली परोसना सौभाग्य की बात: मोदी It is good luck to serve three hundred millionth plate: Modi



वृंदावन ।  प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के वृंदावन में सोमवार को कहा कि मिड डे मील मुहैया कराने वाले विश्व के सबसे बड़े गैर सरकारी संगठन ‘अक्षय पात्र’ फाउंडेशन की पहली थाली साल 2002 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान परोसी गयी थी और इसकी 300 करोड़वीं थाली परोसने का उन्हें अवसर मिलना हर्ष की बात है। 

श्री मोदी ने चंद्रमोहन मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में मौजूद लोगों को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने मंच पर छह बच्चों को मिठाइयों के डिब्बे प्रदान करके इस फाउंडेशन की तीन करोड़वीं थाली की रस्मी शुरुआत की। उन्होंने बाद में इस फाउंडेशन के कुछ बच्चों को खाना परोसा। फांडेशन के अध्यक्ष मधु पंडित दासा और संस्थापक-न्यासी मोहन दास पाई की सराहना करते हुए कहा कि 1500 बच्चों से शुरू होकर रसोई के अभियान को 17 लाख बच्चों तक पहुंचाना बहुत गौरव की बात है। श्री मोदी ने कहा कि हाल ही में अक्षय पात्र फांउडेशन को गांधी शांति पुरस्कार प्रदान किया गया है और श्री दासा को पद्मश्री से नवाजा गया है। 

उन्होंने कहा कि जिस तरह से मजबूत इमारत के लिए नींव का ठोस होना आवश्यक है ,उसी प्रकार शक्तिशाली नये भारत के लिए पोषित और स्वस्थ बच्चों का होना जरूरी है। जिस देश का बचपन कमजोर होगा उसके विकास की गति धीमी होगी। 

श्री मोदी ने कहा,“ मिड डे मील की परम्परा आजादी के पहले से रही है। गुलामी के लंबे काल खंड में गरीबी अपने चरम पर पहुंची और लोगों को रोजी-रोटी के लिए संघर्ष करना पड़ा तथा, इसका सीधा प्रभाव बच्चों पर पड़ा। बच्चे के जन्म से पहले मां और जन्म के बाद बच्चे को गुणवत्ता युक्त पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाये तो उसे बहुत सी बीमारियों से बचाया जा सकता है। बदली परिस्थितियों में बच्चों को गुणवत्ता युक्त पौष्टिक आहार मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है। अक्षय पात्र फांउडेशन इसमें देश की मदद कर रहा है। ”

उन्होंने कहा,“ स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में पहले भी काम हुए हैं लेकिन आशातीत सफलता नहीं मिली। इस क्षेत्र में कम संसाधन वाले देश भारत से आगे निकल गये। केन्द्र सरकार ने 2014 से इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए नयी रणनीति के साथ कम शुरू किया। टीकाकरण अभियान मिशन के रूप में लिया गया और मिशन इंद्रधनुष के तहत देश के हर बच्चे को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया। अब तक देश के करीब तीन करेाड़ 40 लाख बच्चों और करीब 90 लाख गर्भवती महिलाओं को टीका लगाया जा चुका है।”

उन्होंने कहा,“ जिस गति से कम हो रहा उससे तय है कि हमारा संपूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य ज्यादा दूर नहीं है। पहले के कार्यक्रम में पांच नये टीके जोड़े गये हैं जिनमें जापानी बुखार का टीका भी शामिल है। जापानी बुखार का सर्वाधिक प्रभाव उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में देखा गया है। अब बच्चों को 12 टीके लगाये जा रहे हैं। मिशन इंद्रधनुष को आज दुनियाभर में सराहा जा रहा है। बच्चों में बीमारी से लड़ने की क्षमता बढ़ायी जाने की जरूरत है तो स्वास्थ्य को लेकर परेशानियां कम होंगी। हम अगर पोषण के अभियान को आगे बढ़ाने में सफल हुए तो बहुत सी जिंदगियां बच जायेंगी। इसी को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार ने पिछले वर्ष राजस्थान के झुंझुनू से देशभर में राष्ट्रीय पोषण मिशन शुरू किया था और पिछले साल सितम्बर को इस मिशन के लिए समर्पित किया गया था।”

श्री मोदी ने कहा केंद्र सरकार ने बच्चों के आसपास मजबूत सुरक्षा घेरा बनाने का प्रयास किया है जिसके तीन पहलू हैं - खानपान, टीकाकरण और स्वच्छता। देश के स्वच्छता अभियान का प्रभाव कुंभ के मेले में भी देखा गया जिसकी अमेरिका ने भी तारीफ की है। उन्होंने कहा,“अक्षय पात्र भी स्वच्छता अभियान पर ध्यान दे रहा है। पिछले साल एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में संभावना व्यक्त की गयी थी कि सिर्फ भारत के स्वच्छता अभियान से करीब तीन लाख लोगों की जान बच सकती है। ” श्री मोदी ने कहा कि इस बार का कुंभ भी स्वच्छता अभियान के लिए विदेशों में चर्चित रहा।


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