मेजर बिष्ट का पार्थिव शरीर घर पहुंचने पर उमड़ा लोगों का हुजूम Major Bisht's body arrives at home



देहरादून । पुलवामा हमले में शहीद हुए मेजर चित्रेश बिष्ट को इस महीने के अंत में अपनी शादी के लिए घर आना था। वह आए भी लेकिन तिरंगे में लिपटे हुए ताबूत में।  जब मेजर का पार्थिव शरीर सोमवार की सुबह नेहरू कॉलोनी स्थित उनके घर लाया गया तब बिष्ट परिवार में चीख-पुकार मच गई । उनके शव को रविवार को शहर के एक सैन्य अस्पताल में रखा गया था।

सैन्यकर्मियों, पुलिसकर्मियों, राजनीतिकों, रिश्तेदारों, दोस्तों एवं आम लोगों का बड़ा हुजूम युवा सैन्य अधिकारी को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके घर पर उमड़ पड़ा।  उनकी मां उनके ताबूत के पास रोती-बिलखती रहीं जबकि उनके पिता एस एस बिष्ट (पुलिस के सेवानिवृत्त अधिकारी) उनको शांत कराने की कोशिश करते रहे। हालांकि वह खुद भी अपने आंसू रोक नहीं पा रहे थे। 

पुलवामा आतंकवादी हमले के एक दिन बाद 31 वर्षीय मेजर बिष्ट जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास एक बारूदी सुरंग को निष्क्रिय करते वक्त विस्फोट होने से शहीद हो गए थे।
उनका परिवार सात मार्च को होने वाली उनकी शादी की तैयारी कर रहा था। लेकिन शनिवार की शाम को आई खबर ने इन सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया।  मेजर बिष्ट अपनी शादी के लिए 28 फरवरी को घर आने वाले थे। 

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा के कई नेताओं एवं विधायकों समेत पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, विधायक विनोद चमोली, गणेश जोशी एवं मुन्ना सिंह चौहान जैसे कई राजनीतिकों ने अधिकारी को श्रद्धांजलि दी। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने भी उनके ताबूत पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। 

उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनिल रतूरी एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) अशोक कुमार उन तमाम पुलिस अधिकारियों में शामिल थे जो मेजर बिष्ट को श्रद्धांजलि देने के लिए यहां आए। जब उनके पार्थिव शरीर को लेकर ताबूत हरिद्वार के लिए रवाना हुआ तब लोगों ने “मेजर बिष्ट अमर रहें” के नारे लगाए। मेजर बिष्ट का अंतिम संस्कार हरिद्वार में किया जाएगा। 




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