नायडू के धरने में मनमोहन सहित पहुंचे कई नेता Many leaders, including Manmohan, join Naidu's dharna




नयी दिल्ली  ।  राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के खिलाफ आंध्र भवन में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के एक दिवसीय उपवास में सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह सहित विभिन्न दलों के नेता शामिल हुए। 

श्री नायडू के धरना ‘धर्म पोरता दीक्षा’ में डॉ. सिंह के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ. ब्रायन, द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) नेता टी. शिवा, लोकतांत्रिक जनता दल के अध्यक्ष शरद यादव, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला और कांग्रेस नेता जयराम रमेश भी शामिल हुए।

श्री सिंह ने यहां प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, “आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बंटवारे के समय में केंद्र सरकार की ओर से किये गये वादों विशेष रूप से आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के वादे को अवश्य पूरा किया जाना चाहिए।”  उन्होंने कहा कि अगर उन्हें संसद में मौका मिलता है, तो वह आंध्र प्रदेश के लोगों के साथ खड़े होंगे और बिना किसी देरी के वादों को पूरा करायेंगे।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और वहां के हजारों लोगों को प्रदर्शन के लिए दिल्ली आने का फैसला करना देश के संघीय ढांचे के लिए बड़ा सवाल पैदा करता है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में गत सप्ताह केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निंदा की और कहा, “ श्री मोदी ने सीबीआई के 40 अधिकारियों को कोलकाता पुलिस आयुक्त को गिरफ्तार करने के लिए भेजकर सभी राज्यों के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को यह संदेश दिया कि उन लोगों को राज्य सरकार के प्रति नहीं केंद्र सरकार के प्रति वफादार रहना होगा।” 

तृणमूल नेता डेरेक ओ. ब्रायन ने कहा कि तृणमूल ने चार साल पहला लड़ाई शुरू की थी। उन्होंने कहा, “20 जुलाई 2018 का दिन बहुत महत्वपूर्ण था, जब तेदेपा लोक सभा में ‘अविश्वास प्रस्ताव लेकर आयी थी। मोदी डरे हुए हैं।”  इससे पहले श्री गांधी ने प्रधानमंत्री पर तीखा हमला करने हुए कहा कि उन्होंने ‘राफेल में लूटकर’ अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाया। 

उन्होंने कहा, “मैं आंध्र प्रदेश के लोगों के साथ खड़ा हूं। वह कैसे प्रधानमंत्री हैं जो आंध्र प्रदेश के लोगों के साथ गए गए वादे को पूरा नहीं करते हैं। श्री मोदी जहां जाते हैं, झूठ बोलते हैं। उन्होंने आंध्र प्रदेश के लोगों से कहा कि वह आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देंगे। वह पूर्वोत्तर गये, वहां झूठ बोला। वह महाराष्ट्र गये, वहां झूठ बोला। श्री मोदी की अब विश्वसनीयता नहीं बची है।” 


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