नगर आयुक्त का नगर निगम के विभागों में औचक निरीक्षण Municipal Commissioner's surprise inspection in the municipal departments



गाजियाबाद, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )  नगर आयुक्त दिनेश चन्द्र द्वारा गाजियाबाद नगर निगम के मुख्य कार्यालय के विभिन्न अनुभागों व विभागों का औचक निरीक्षण किया गया। 

सर्वप्रथम नगर आयुक्त दिनेश चन्द्र द्वारा पंचम तल स्थित अपर नगर आयुक्त के कार्यालय एवं लेखा विभाग का निरीक्षण किया गया। इसी तल स्थित आई.टी. सैल का भी निरीक्षण किया गया। आई.टी. सैल में तैनात कम्प्यूटर आपरेटरों से दूरभाष पर प्राप्त शिकायतों के बारे में जानकारी ली गयी। सम्बन्धित आपरेटर द्वारा अवगत कराया गया कि जिस दूरभाष पर शिकायत प्राप्त होती है वह काफी समय से खराब चल रहा है। साथ ही सम्बन्धित अधिकारियों को शिकायत भेजने वाले पोर्टल में समस्या होने के कारण शिकायते सम्बन्धित अधिकारी को प्रेषित नहीं की जा पा रही हैं। 

आई.टी. सैल में ही तैनात दूसरे कम्प्यूटर आपरेटर से जानकारी ली गयी कि उनके द्वारा सम्बन्धित पोर्टल खोल कर नगर आयुक्त महोदय को दिखाया गया जिसमें आज दिनांक को 42 शिकायतें डिफाल्टर पायी गयी। सभी शिकायतों का अतिशीघ्र निस्तारण कराने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को मौके पर ही निर्देशित किया गया। साथ ही आई.टी.सैल में खराब इन्टरनेट व उपकरणों को तत्काल ठीक कराने हेतु प्रभारी कम्प्यूटर को निर्देशित किया गया। 

चतुर्थ तल स्थित विधि विभाग के निरीक्षण के दौरान वहाॅ पर उपस्थित विधि लिपिक से मुकदमों के बारे में जानकारी ली गयी। सम्बन्धित लिपिक,  फारूख अली खाॅ द्वारा विभिन्न न्यायालयों में लम्बित मुकदमों की सूची प्रस्तुत की गयी, जिस पर नगर आयुक्त द्वारा आर0एन0 पाण्डेय, अ0न0आ0/वरिष्ठ प्रभारी (विधि) को निर्देशित किया गया कि न्यायालयों में लम्बित अतिमहत्वपूर्ण वादों की सूची सहित पत्रावलियाॅ उनके समक्ष प्रस्तुत की जायें। 

तदोपरान्त चतुर्थ तल स्थित प्रकाश विभाग का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय नगर निगम सीमान्तर्गत प्रकाश बिन्दुओं को एल0ई0डी0 लाईट में परिवर्तित करने वाली फर्म व्हाईट प्लाकार्ड द्वारा किये गये कार्य की जानकारी प्राप्त की गयी सम्बन्धित लिपिक द्वारा नगर आयुक्त को अवगत कराया गया कि फर्म द्वारा कार्य को पूरा नहीं किया गया है। इस पर नगर आयुक्त द्वारा व्हाईट प्लाकार्ड की पत्रावली सायंकाल तक उनके समक्ष प्रस्तुत करने हेतु प्रभारी प्रकाश विभाग, श्री मनोज प्रभात को निर्देशित किया गया। 

चतुर्थ तल पर ही जलकल विभाग के निरीक्षण के समय वहाॅ पर तैनात कम्प्यूटर आपरेटर से नगर निगम सीमान्तर्गत संचालित पम्पों, सीवर स्टेशनों, पानी की टंकियों आदि की जानकारी ली गयी। सम्बन्धित आपरेटर द्वारा संचालित पम्पों, सीवर स्टेशनों, पानी की टंकियो आदि की जानकारी दी गयी। नगर आयुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि नगर निगम द्वारा संचालित सभी पम्पों, सीवर स्टेशनों, पानी की टंकियों आदि को आॅन लाइन कराकर उनको नगर निगम के मैप पर भी एक सप्ताह के अन्दर अंकित करते हुए जलकल विभाग की दीवार पर लगवा दिया जाये। 

तृतीय तल स्थित निर्माण विभाग के निरीक्षण के दौरान श्री देवी सिंह, अवर अभियन्ता (सिविल) के कक्ष का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय वह अपने कक्ष मे ंकार्य करते हुए मिले। उसके पश्चात निर्माण विभाग के सहायक अभियन्ता, आई.सी. त्यागी के कार्यालय कक्ष के निरीक्षण के समय वहाॅ पर लगा इन्टरकाॅम फोन बन्द पाया गया, जिसकों ठीक कराने हेतु मौके पर ही नाजिर को निर्देशित किया गया। 

नगर आयुक्त दिनेश चन्द द्वारा द्वितीय तल स्थित स्वास्थ्य विभाग के जन्म-मृत्यु कक्ष में निरीक्षण के दौरान जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्रों की जानकारी ली गयी। जिसमें आज प्राप्त 62 जन्म प्रमाण-पत्र हस्ताक्षर हेतु लम्बित पाये गये तथा एक मृत्यु प्रमाण-पत्र जो पुराना काफी समय से लम्बित पडा पाया गया। इस पर नगर आयुक्त द्वारा प्रमुख नगर स्वास्थ्य अधिकारी वी0पी0 शर्मा को निर्देशित किया गया कि सभी जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्रों को प्रतिदिन हस्ताक्षर कर सम्बन्धित व्यक्तिों को दूरभाष पर सूचित कर प्राप्त करा दिये जाये। इसके अतिरिक्त जो प्रमाण-पत्र बन कर तैयार परन्तु सम्बन्धित व्यक्ति द्वारा प्राप्त नहीं किये गये हैं उनकों 2 दिवस के अन्दर कैम्प लगाकर नगर आयुक्त के माध्यम से वितरित करा दिये जायें। 

स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ रूप में निरीक्षण के समय नगर आयुक्त द्वारा स्वयं अलमारियों से कर्मचारियों की पत्रावलियाॅ निकालकर उनका अध्ययन किया गया जिसमेे अधिकांश सफाई कर्मचारियों की सेवापुस्तिका अपूर्ण पायी गयी। नगर आयुक्त द्वारा प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी एवं सम्बन्धित लिपिक को कडी फटकार लगाते हुए निर्देशित किया गया कि एक सप्ताह के अन्दर प्रत्येक दशा में सभी कर्मचारियों की सेवापुस्तिकाएं आदि का कार्य पूर्ण कर लिया जाये। 

द्वितीय तल स्थित पी0आई0यू0 कक्ष का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय सभी कर्मचारी तैनात पाये गये। नगर आयुक्त द्वारा वहाॅ की कार्य-प्रणाली की जानकारी लेते हुए स्वयं कम्प्यूटर के माध्यम से जी.पी.एस. लगी गाडियों का जायेजा लिया गया। गाडी ड्राईवारों द्वारा किये जा रहे कार्य को संतोषजनक पाये जाने पर नगर आयुक्त द्वारा प्रमुख नगर स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जिस ड्राईवर द्वारा एक माह में सबसे अच्छा कार्य करके दिखाया जाये उसको पुरस्कृत किया जाये तथा जिस ड्राईवर द्वारा कार्यो मेें लापरवाही बरती जाये उसके कार्यो में सुधार लाये जाने हेतु कडे प्रयास किये जाये।

नगर निगम में वाहनों पर लगाये गये जी.पी.एस. सिस्टम व कूडे की गाडियों पर कार्य करने वाले ड्राईवरों की सराहना करते हुए नगर आयुक्त द्वारा प्रभारी वाहन,     मनोज प्रभात को निर्देशित किया गया कि नगर निगम के शेष सभी सरकारी वाहनों पर भी जी.पी.एस. लगवा दिये जाएं।  अन्त में निरीक्षण के दौरान भूतल पर एक बाहरी व्यक्ति को पालीथिन के अन्दर साम्रगी ले जाते हुए रंगे हाथ पकडा तथा कडी चेतावनी दी गयी कि यदि इस परिसर में पुनः पालीथिन का प्रयोग करते हुए पाये गये तो उनके विरूद्ध जुर्माना वसूलने की कार्यवाही की जायेगी। 



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