पुलवामा पर सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव, भारत की बड़ी राजनयिक जीत Resolution in Security Council on Pulwama, India's Big Diplomatic Win



नयी दिल्ली / संयुक्त राष्ट्र  ।  पुलवामा हमले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में लाया गया प्रस्ताव भारत की बड़ी राजनयिक जीत है और इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उत्कृष्ट नेतृत्व और देश का उन पर विश्वास का नतीजा माना जा रहा है।

यह प्रस्ताव जवानों की शहादत से आहत भारत पर हमले के प्रायोजकों और जिम्मेदार लोगों को माकूल जवाब देने के प्रण का अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्पष्ट समर्थन है। अमेरिका इस भीषण आतंकवादी हमले को लेकर भारत के साथ दृढ़ता से खड़ा रहा और वह तथा भारत के अन्य हितैषी देश इस मसले पर 15-16 फरवरी को ही प्रस्ताव लाये जाने के पक्ष में थे। अमेरिका , ब्रिटेन और फ्रांस समेत कई महत्वपूर्ण देशों ने पुलवामा आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए भारत के साथ खड़ा होने का भरोसा दिलाया और अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ दो टूक शब्दों में कहा कि वह अपनी जमीन से संचालित आतंकवादी गतिविधियों और आतंकवाद को संरक्षण देना तुरंत बंद करे।

सूत्रों के अनुसार गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने एक टेलीविजन चैनल के साथ साक्षात्कार के दौरान कहा कि देश को श्री मोदी के नेतृत्व पर पूरा विश्वास है और उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों अमेरिका , ब्रिटेन, फ्रांस ,रूस और चीन तथा कुवैत, पेरू ,पोलैंड, दक्षिण अफ्रीका ,इंडोनेशिया, जर्मनी ,बेल्जियम समेत 10 अस्थायी सदस्यों ने पुलवामा में हुए जघन्य हमले पर सर्वसम्मति से गुरुवार को प्रस्ताव पारित किया और आतंकवाद के घिनौने और वीभत्स कृत्य की कड़ी भर्त्सना की।




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