सीबीआई की बागडोर रिषी कुमार शुक्ला के हाथ में Rishi Kumar Shukla in CBI chief



नयी दिल्ली ।  विवादों के चलते पिछले कुछ महीनों से सुर्खियों में रही देश की शीर्ष जांच एजेन्सी केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को मध्य प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक रिषी कुमार शुक्ला के रूप में नया प्रमुख मिल गया है। 

सीबीआई निदेशक की नियुक्ति करने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति की दो बार हुई बैठक में किसी एक अधिकारी के नाम पर सहमति नहीं बन सकी। समिति ने शुक्रवार शाम हुई बैठक में इस पद के लिए कुछ नामों का पैनल तैयार किया था। 

केन्द्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति मामलों की समिति ने चयन समिति द्वारा भेजे गये नामों के पैनल के आधार पर श्री शुक्ला की नियुक्ति को मंजूरी दी है। श्री शुक्ला की नियुक्ति दो वर्ष के लिए की गयी है जो उनके पदभार संभालने के दिन से प्रभावी होगी। सीबीआई निदेशक का पद 10 जनवरी से खाली था।  भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी श्री शुक्ला सीबीआई के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा का स्थान लेंगे। श्री वर्मा को विवादों के चलते पहले छुट्टी पर भेजा गया था और फिर उन्हें गत 10 जनवरी को पद से हटा दिया गया था। उनके स्थान पर जांच एजेन्सी के संयुक्त निदेशक एम नागेश्वर राव को सीबीआई का प्रभारी निदेशक बनाया गया था। 

श्री वर्मा और सीबीआई के विशेष निदेशक रहे राकेश अस्थाना के बीच विवाद को देखते हुए सरकार ने दोनों को छुट्टी पर भेज दिया था। श्री वर्मा ने इस फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। न्यायालय ने उन्हें बहाल करने का आदेश देते हुए कोई नीतिगत फैसला न करने की हिदायत दी थी। साथ ही न्यायालय ने श्री वर्मा के बारे में अंतिम फैसला करने का अधिकार सीबीआई निदेशक के चयन संबंधी समिति पर छोड दिया था।

चयन समिति की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में गत 10 जनवरी को हुई बैठक में श्री वर्मा को बहुमत के आधार पर पद से हटाने का फैसला किया था। बाद में श्री वर्मा को अग्नि शमन सेवा और होम गार्ड्स का महानिदेशक बनाने का आदेश जारी किया गया लेकिन श्री वर्मा ने इस पद को संभालने से इंकार करते हुए 11 जनवरी को इस्तीफा दे दिया। कार्मिक मंत्रालय के सचिव को भेजे गये इस्तीफे में उन्होंने कहा कि उन्हें 11 जनवरी से ही सेवानिवृत माना जाये। पत्र में उन्होंने कहा कि वह सीबीआई निदेशक के पद पर 31 जनवरी 2019 तक के लिए नियुक्त किये गये थे। साथ ही उन्होंने कहा कि वह 31 जुलाई 2017 को ही सेवा निवृत हो गये होते। अग्नि शमन सेवा , सिविल डिफेंस और होम गार्डस के महानिदेशक के पद की सेवा निवृति की जो आयु है वह उसे पहले ही पार कर चुके हैं। अत: उन्हें 11 जनवरी से ही सेवा निवृत माना जाये। 


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