अब है 90 करोड़ मतदाताओं की बारी, जो तय करेंगे राजनीतिक दलों का भविष्य! Now is the turn of 90 million voters, who will decide the future of political parties!




                                                             लोकसभा चुनाव 2019


2019 में देश भर में 10,35,932 पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, पहली बार वोट देने वालों पर सभी दलों की नजर...

नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता )  लोकसभा चुनाव के तारीखों का एलान के साथ ही चुनाव आयोग इस बार बड़े पैमाने पर तैयारी किया है। इस चुनाव में करीब 90 करोड़ मतदाता अपने मत का प्रयोग करके नई सरकार चुनेंगे, यानी 17वीं लोकसभा का स्वरूप तय करेंगे। राजनीतिक दलों का हिसाब-किताब लेंगे। माना जा रहा है कि आगे यह आंकड़ा और बढ़ सकता है क्योंकि वोटर कार्ड बनवाने का काम अभी जारी है। यह चुनाव अपने आप में खास होगा, क्योंकि यह इस सदी का पहला आम चुनाव होगा जिसमें इसी सदी में पैदा हुए युवा मतदान कर सकेंगे। 2019 के ऐसे मतदाता वोट देने के पात्र होंगे जिनका जन्म 1 जनवरी 2000 या उसके बाद हुआ है। 

2014 के लोकसभा चुनाव में 834,101,497 रजिस्टर्ड वोटर थे, जिनमें से 553,801,801 यानी करीब 66.4 परसेंट ने अपने मत का इस्तेमाल किया था। चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि 1 जनवरी 2019 तक के आंकड़े 22 फरवरी को जारी हुए थे, जिसके मुताबिक 89.7 करोड़ मतदाता हैं। इनमें से 46.5 करोड़ पुरुष और 43.2 करोड़ महिलाएं हैं। 33,109 मतदाताओं ने खुद को थर्ड जेंडर में शामिल किया है। इसी प्रकार करीब 16.6 लाख सर्विस वोटर हैं।

2014 में यह सिर्फ 13.6 लाख थे। सर्विस वोटर ऐसे मतदाता होते हैं जो सरकारी अधिकारी, सैन्य बल, सशस्त्र पुलिस बल या विदेशों में नौकरी करते हैं। वो अपना मतदान प्रॉक्सी या पोस्टल बैलेट के जरिए कर सकते हैं। आठ करोड़ से अधिक युवा पहली बार मतदान करेंगे। इन पर सभी राजनीतिक दलों की नजर है।

चुनाव आयोग  के मुताबिक 2019 में देश भर में 10,35,932 पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। 2014 के लोकसभा चुनाव में 9,28,237 स्टेशन बनाए गए थे। इसी तरह 2009 के चुनाव में 8,30,866 पोलिंग स्टेशन थे। 2014 में 1339402 बैलेट यूनिट और 1029513 कंट्रोल यूनिट का इस्तेमाल किया गया था।


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