गैल इंडिया लिमिटेड ने आपदा प्रवंधन के लिये किया मॉक ड्रिल Gail India Limited made a mock drill for disaster management



गैस रिसाव को रोकने की क्षमता का किया  आकलन

साहिबाबाद, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )  गुरुवार की सुबह 10 बजे में करेहड़ा गांव के पीछे फर्रुखनगर जाने वाले रास्ते पर  साहिबाबाद स्थित गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) की एलपीजी  गैस की पाइप लाइन चैनेज नंबर 1166 पर  लीक हो गई। इस गैस रिसाव के बारे में तुरंत गेल के लाइनमैन ने अपने रीजनल गैस मैनेजमेंट सेंटर (आरजीएमसी) को सूचित किया। वहां से इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल, अग्निशमन और एंबुलेंस  तत्काल इंजीनियरों की टीम के साथ घटना स्थल के लिए रवाना हो गई। इस बीच जिला प्रशासन को भी गेल मुख्यालय से वायस कॉल द्वारा इस घटना के बारे में सूचित किया गया। कुछ ही देर में करेहड़ा गांव और फारुख नगर के सैकड़ों लोग भी  पहुंच गए।    
         
यह रिसाव सचमुच का नहीं था बल्कि यह नजारा गेल द्वारा गैस रिसाव से संबंधित आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल थी। वहां जिस हिसाब से अग्निशमन की गाड़ियां व एंबुलेंस पहुंच रही थी। लगातार लोगों को माइक से सूचना दी जा रही थी कि यहां ना आए, गैस का रिसाव हो रहा है । इसलिए किसी ज्वलनशील पदार्थ का प्रयोग ना करें। मॉक ड्रिल को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। यहां पर 12  इंच व्यास की भूमिगत लाइन से एलपीजी गैस आ रही हैं। गेल द्वारा इस पाइप लाइन के जरिए इंडियन ऑयल ,हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम   में एलपीजी गैस उपलब्ध करवाई जा रही है।
        
मॉक ड्रिल के दौरान अग्निशमन अधिकारी  अब्बास हुसैन ,सीएमओ ऑफिस से डॉ प्रदीप यादव ,हिंदुस्तान पेट्रोलियम की तरफ से दीपेंद्र मोदी, गेल इंडिया एनसीआर ऑफिस से चीफ मैनेजर प्रशांत राठोर और डीजीएम गेल एनसीआर स्नेहाशीष बॉस मौजूद रहे। इस मॉक ड्रिल में गेल के  जेएलपीएल एनसीआर से  गैल इंडिया  लिमिटेड का मेंटेनेंस कार्य देख रहे डिप्टी  जनरल मैनेजर प्रदीप पंचोली के अलावा, डिप्टी  जनरल मैनेजर ऑपरेशन विपिन कपूर , मुख्य प्रबंधक फायर एंड सेफ्टी बीएस मन्हास , वरिष्ठ प्रबंधक पाइपलाइन गेल इंडिया अजय पाल सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक ललित गुप्ता भी विशेष रूप से तैयारी का जायजा लेने के लिए पहुंचे थे। राष्ट्रीय आपदा राहत बल के 6 जवानों के दल के साथ हिंदुस्तान पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के कुछ कर्मचारी भी घटना स्थल पर पहुंच कर मॉक ड्रिल में शामिल हुए ।

इस दौरान गैस रिसाव वाले स्थान  पर चैनेज नंबर 1166 की घेराबंदी करके अलग कर दिया गया। घटना स्थल पर गैस रिसाव वाले स्थान पर आग भी लगने की प्रक्रिया दिखाई गई।  , जिसे गेल के अधिकारियों ने ऑफ साइट लेवल-3 की इमरजेंसी घोषित करते हुए स्थानीय प्रशासन से मदद मांगी। जिला प्रशासन की मेडिकल टीम भी मौके पर पहुंच गई। दो  लोगों को  जख्मी होते हुए दिखाया गया जिन्हें  टीम ने  फस्ट ऐड देते हुए  नजदीकी अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचाने का प्रयोजन दिखाया । मॉक ड्रिल की अध्यक्षता गैल इंडिया के जनरल मैनेजर अभिजीत मजूमदार द्वारा की गई । इस  मौके पर  वहां मौजूद लोगों  को काफी कुछ सीखने को मिला तथा लोगों में जागरूकता पैदा की गई । इस मौके पर वहां पर रोचक नुक्कड़  नाटक का मंचन भी बहुत सुंदर तरीके से किया गया । विदित हो  कि यह विश्व की सबसे बड़ी एलपीजी पाइपलाइन है जो जामनगर से लेकर लोनी तक एलपीजी लेकर आती  है।



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