कांग्रेसी संस्कृति से मुक्ति में जुटी है जनशक्ति : मोदी Modi is engaged in freedom from Congress culture



नयी दिल्ली  । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस काे भ्रष्टाचार एवं कुशासन का पर्याय बताते हुए आज कहा कि देश की बड़ी जनशक्ति आज भारत को कांग्रेसी संस्कृति से मुक्ति के गाँधी जी के सपने को पूरा करने में जुटी है। 
श्री मोदी ने महात्मा गांधी की दांडी यात्रा की 88वीं वर्षगांठ के मौके पर अपने ब्लॉग के जरिये गांधी जी के विचारों को साझा करते हुए उन्हीं के शब्दों में कांग्रेस पर प्रहार किये। उन्हाेंने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश में बापू के सिद्धांतों, विचारों और संदेशों की धज्जियां उड़ा रही है। 

श्री मोदी ने कहा, “ गांधी जी ने हमें सिखाया है कि कोई भी कार्य करने से पहले हम समाज के उस गरीब से गरीब व्यक्ति की परेशानियों के बारे में सोचें और यह विचार करें कि हमारे द्वारा किया गया कार्य उस व्यक्ति को किस प्रकार प्रभावित कर सकता है। उन्हें इस बात पर गर्व है कि उनकी सरकार ने हर क्षेत्र में सभी कार्यों में इस चिंतन को समाहित किया गया है कि इससे कैसे गरीबी दूर होगी और समृद्धि आएगी, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस की संस्कृति गांधीवादी विचारधारा के बिल्कुल विपरीत हो चुकी है।”

प्रधानमंत्री ने बापू को उद्धृत करते हुए कहा, “बापू ने कहा था, ...मेरे लिए भारत की असली आजादी वो है, जब देशवासियों में भाईचारे की अटूट भावना हो।” उन्होंने कहा कि गांधी जी ने हमेशा अपने कार्यों के माध्यम से ये संदेश दिया कि असमानता और जाति विभाजन उन्हें किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। दुख की बात है कि कांग्रेस ने समाज को विभाजित करने में कभी संकोच नहीं किया। सबसे भयानक जातीय दंगे और दलितों के नरसंहार की घटनाएं कांग्रेस के शासन में ही हुई हैं।

उन्होंने कहा कि बापू ने 1947 में कहा था, “समाज का नेतृत्व करने वाले सभी बुद्धिजीवियों और नेताओं का कर्तव्य है कि वे भारत के सम्मान की रक्षा करें, चाहे उनका राजनीतिक रुझान कुछ भी हो, चाहे वे किसी भी दल से जुड़े हों। अगर कुशासन और भ्रष्टाचार फलते-फूलते हैं तो देश के गौरव की रक्षा नहीं की जा सकती है। कुशासन और भ्रष्टाचार एक-दूसरे को बढ़ावा देते हैं।” 

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ने भ्रष्टाचारियों को सजा दिलाने के लिए कठोर क़दम उठाए हैं। लेकिन, देश ने देखा है कि कैसे ‘कांग्रेस’ और ‘भ्रष्टाचार’ एक-दूसरे के पर्याय बन गए हैं। किसी भी क्षेत्र को देखें तो वहां कांग्रेस का एक घोटाला अवश्य नजर आ जाएगा। चाहे रक्षा, संचार या सिंचाई का क्षेत्र हो अथवा फिर खेल के आयोजनों से लेकर कृषि, ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्र, कोई भी क्षेत्र कांग्रेस के घोटालों से अछूता नहीं है।”

श्री मोदी ने कहा कि बापू ने त्याग की भावना की सीख दी। जबकि कांग्रेस ने बापू की इस शिक्षा के विपरीत अपने बैंक खातों को भरने और सुख सुविधाओं वाली जीवन शैली को अपनाने का ही काम किया। ये सुख-सुविधाएं गरीबों की मूलभूत आवश्यकताओं की कीमत पर जुटाई गईं। उन्होंने कहा कि महिला कार्यकर्ताओं के एक समूह से बातचीत करते हुए बापू ने कहा था, “मुझे ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि देश के कुछ तथाकथित बड़े नेता अपने पुत्रों के जरिए संपत्ति का संग्रह करने में लगे हैं। भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार काफी बढ़ गया है। मुझसे यह भी कहा गया है कि मैं इस मामले में हस्तक्षेप करूं। अगर यह सब सही है तो यही कहा जा सकता है कि हम अपने दुर्भाग्य की दहलीज पर खड़े हैं।”


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