सीआईएसएफ की स्वर्ण जयंती में प्रधानमंत्री ने बढ़ाया जवानों का मनोबल Prime Minister enhances the morale of the jawans at CISF's Golden Jubilee



इंदिरापुरम, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )  रविवार को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की गोल्डन जुबली पर आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जवानों का मनोबल बढा़या। इस दौरान प्रधानमंत्री ने सीआईएसएफ की परेड का निरीक्षण किया तथा सलामी ली। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नेे कहा कि सीआईएसएफ की भूमिका देश की सुरक्षा में काफी अहम है। दुश्मन हमारे देश से सीधे युद्ध करने की स्थिति में नहीं है तो वह देश के अंदर आतंकी वारदातों को बढ़ा देता है। ऐसे में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाने वाली सीआईएसएफ की भूमिका काफी अहम हो जाती है।
          

इंदिरापुरम स्थित सीआईएसएफ की पांचवीं  रिजर्व बटालियन परिसर में आयोजित सिलबर जयंती समारोह में प्रधानमंत्री बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि सीआईएसएफ के नाम प्रशंसनीय उपलब्धि है। उन्होंने बल के जवानों और अधिकारियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि 50 साल की बल की सेवा में जिन जवानों और अधिकरियों ने काम किया है वे सभी इस उपलब्धि के लिये प्रशंसा के पात्र हैं। यह इसलिये भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि जब पडोसी युद्ध लड़ने के काबिल नहो तो वह आतंकवाद का घिनौना रूप लेकर सामने आ जाता है। ऐसे में बल के जवानों के सामने देश की सुरक्षा तथा संसाधनों की देखभाल की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने बल के जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिये बल के जवानों की परेड तथा प्रदर्शन की काफी सराहना की तथा इसे अद्वितीय बताया तथा कहा कि बल देश की सुरक्षा के मामले में देश की आकंाक्षाओं पर खरा उतरा है। इस अवसर पर बल के  अधिकारियों सुधीर कुमार व जितेंद्र सिंह नेगी, एक इंस्पेक्टर एस. मुत्थुस्वामी और एक जवान आर. सूर्यराजा को सम्मानित किया। वे यहां भारतीय वायु सेना के हेलीकाप्टर से पहुंचें थे। इस बल की स्थापना दिवस पर विशेष अतिथि के रूप  में पहली बार प्रधानमंत्री के तौर पर शामिल होने वाले मोदी पहले नेता बने हैं। यहां पहुचने के बाद सबसे पहले उन्होंने शहीद स्मारक पर पहुंच कर शहीदों को अपनी श्रद्धांजली अर्पित की। 
      
गौरतलव है कि सीआईएसएफ की स्थापना 10 मार्च, 1969 को की गई थी। शुरुआत में बल में 3,129 जवानों की संख्या थी। इसकी स्थापना संवेदनशील इकाइयों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए किया गया था। मौजूदा समय में बल के जिम्मेदारी दिल्ली मेट्रो और आईजीआई सहित देशभर के प्रमुख 59 एयरफोर्ट की सुरक्षा सहित प्रमुख सरकारी इमारतों, परमाणु संस्थान, ऐतिहासिक इमारतें, अंतरिक्ष केंद्र और वीवीआई सुरक्षा है। इस समय बल में करीब 1.50 लाख जवान व अधिकारी हैं। इस बल के जवानों पर कंधार प्लेन हाईजैक के बाद देश के सभी एयरपोर्ट की निगाहबानी और सुरक्षा का जिम्मा है।





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