हंदवाड़ा मुठभेड़ में दो आतंकवादी ढेर, पांच सुरक्षाकर्मी शहीद Two terrorists stacked in Hondwara encounter, five security personnel martyred



श्रीनगर ।  जम्मू-कश्मीर में कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच शुक्रवार से जारी मुठभेड़ रविवार को समाप्त हो गयी तथा 48 घंटों से अधिक समय तक चली इस मुठभेड़ के दौरान दो आतंकवादी मारे गये और सुरक्षा बलों के पांच जवान शहीद हो गये। 

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने यूनीवार्ता को बताया कि मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गये और मुठभेड़ स्थल से बड़ी संख्या में हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किये गया है। 
आतंकवादियों के खिलाफ अभियान को बाधित करने का प्रयास कर रहे स्थानीय प्रदर्शनकारियों पर शुक्रवार को सुरक्षा बलों की कार्रवाई में एक प्रदर्शनकारी भी मारा गया।

शुक्रवार को आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में घायल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक जवान की रविवार को मौत हो गयी। इसके साथ ही अभियान के दौरान शहीद हुए जवानों की संख्या छह हो गयी है। 

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने रविवार सुबह रोशनी की पहली किरण के साथ ही बाबा गुंड इलाके में अभियान फिर शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि कुपवाड़ा जिले के करालगुंड लेनगेट में कुछ आतंकवादियों के छिपे होने की गुप्त सूचना के आधार पर राष्ट्रीय राइफल, जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों ने गुरुवार देर रात घेराबंदी एवं तलाश अभियान शुरू किया। 

इलाके में शुक्रवार सुबह सुरक्षा बलों के तलाश अभियान के दौरान आतंकवादियों ने उन पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरु कर दी। सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई के बाद भीषण मुठभेड़ शुरू हो गयी। 

उन्होंने बताया कि गोलीबारी में दोनों आतंकवादियों के मारे जाने की रिपोर्ट थी। इसके बाद जब सुरक्षा बल के जवान क्षतिग्रस्त मकान से आतंकवादियों के शव को बरामद करने के लिए आगे बढ़े तो मकान में छिपे आतंकवादियों ने जवानों पर गोलीबारी शुरू कर दी जिसमें लगभग 10 जवान गंभीर रूप से घायल हो गये। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां सीआरपीएफ इंस्पेक्टर पिंटू सिंह और कांस्टेबल विनोद तथा सेलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल नसीर अहमद खोली और गुलाम मुस्तफा बाराह ने दम तोड़ दिया।

सुरक्षा बलों की कार्रवाई में घायल हुए प्रदर्शनकारी वसीम अहमद मीर की भी अस्पताल में मौत हो गयी। 
उन्होंने बताया कि जिन तीन मकानाें में आतंकवादी छिपे हुए थे, उन्हें रविवार को विस्फोट कर उड़ा दिया गया। दोनों आतंकवादियों के शव भी बरामद कर लिये गये हैं। स्थानीय लोगों से मुठभेड़ स्थल पर नहीं जाने का अनुरोध किया गया है क्योंकि यह विस्फोटक सामग्री हो सकती है। 



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