गरीब, किसान, युवाओं पर कांग्रेस की नजर Congress eyes poor, farmers, youth



नयी दिल्ली । पिछले चुनाव की करारी शिकस्त से उबरने के प्रयासों में जुटी कांग्रेस ने सत्ता में आने पर गरीबों के लिए न्यूनतम आय योजना शुरु करने, रोजगार सृजन को प्रथामिकता देने, किसानों के लिए अलग बजट बनाने, शिक्षा पर सकल घरेलू उत्पाद का छह प्रतिशत खर्च करने और महिला आरक्षण विधेयक तत्काल पारित करने का वादा किया है।

‘गरीबी पर वार, 72 हजार’ के नारे और ‘हम निभायेंगे’ के वादे के साथ लोकसभा चुनाव के लिए जारी पार्टी के घोषणापत्र में सबसे गरीब परिवारों को सालाना 72000 रुपये देने तथा 2030 तक देश से गरीबी का नामोनिशान मिटाने की बात कही गयी है। ‘जन आवाज’ नाम से जारी घोषणापत्र में महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुये कहा गया है कि ‘न्याय’ योजना के तहत धन यथासंभव महिला के खाते में डाला जायेगा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय में घोषणा पत्र जारी किया।
मोदी सरकार के विरुद्ध बेरोजगारी और किसान काे प्रमुख मुद्दा बना रही कांग्रेस ने मौजूदा नौकरियों की सुरक्षा और नयी नौकरियों के सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का वादा किया है। उसने केंद्र सरकार के उपक्रमों, न्यायपालिका और संसद के रिक्त चार लाख पदों को अगले वर्ष मार्च तक भरने, विभिन्न निकायों में रिक्त करीब 20 लाख पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने, छोटे और मझौले स्तर के उद्योगों तथा नयी इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देने का संकल्प जताया है। मनेरगा के तहत हर वर्ष 100 दिन के रोजगार को बढ़ाकर 150 दिन करने का भी उसने वादा किया है।

पार्टी ने किसानों की स्थिति सुधारने के लिए देश भर में कृषि ऋण माफ करने तथा कृषि क्षेत्र को विशेष महत्व देने के लिए अलग से किसान बजट बनाने की घोषणा की है । उसने कहा है कि वह सिर्फ कर्ज माफी करके ही अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ेगी बल्कि उचित मूल्य, कृषि लागत कम कर और ऋण सुविधा के जरिये किसानों को कर्ज मुक्ति की तरफ ले जायेगी। पार्टी ने मौजूदा कृषि फसल बीमा को असफल बताते हुये उसे पूरी तरह से बदलने का वादा किया है।

राफेल विमान सौदे सहित मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए सभी सौदों की जांच कराने के वादे के साथ ही घोषणा पत्र में कहा गया कि रक्षा खर्च में आयी गिरावट की प्रवृति को पलटा जायेगा और सशस्त्र सेनाओं की जरुरतों को पूरा करने के लिये इसमें बढोत्तरी की जायेगी। सशस्त्र बलाें के आधुनिकीकरण कार्यक्रमों में तेजी लायी जायेगी तथा वन रैंक वन पेंशन की विसंगतियों को दूर किया जायेगा। शहीदों के परिवारों को सहायता की नयी नीति तैयार कर उसे लागू किया जायेगा। इसके तहत बच्चों की शिक्षा के लिए धन, शहीद परिवार के सदस्य काे सरकारी नौकरी और उपयुक्त मुआवजा राशि शामिल होगी।

चुनाव में काले धन के इस्तेमाल को रोकने का संकल्प जताते हुये कांग्रेस ने ‘संदिग्ध और अपारदर्शी चुनाव बांड योजना’ को बंद करने तथा राष्ट्रीय चुनाव कोष स्थापित करने का वादा किया है।

मोदी सरकार पर देश की अर्थव्यवस्था को चौपट करने का आरोप लगाते हुये पार्टी ने कहा है कि सत्ता में आने पर अर्थव्यवस्था में सरकार तथा नौकरशाही का हस्तक्षेप समाप्त करने, देश को विनिर्माण तथा नवाचार का केंद्र बनाने और छोटे तथा मध्यम उद्योगों को पुनर्स्थापित करने पर जोर देगी। घोषणापत्र में कहा गया है कि अगले पाँच वर्ष में विनिर्माण का हिस्सा 16 प्रतिशत से बढ़कर 25 प्रतिशत हो जाना चाहिये। इसमें वादा किया गया है कि नये व्यापार और व्यापारियों को पुरस्कृत तथा प्रोत्साहित किया जायेगा। स्टार्टअप पर लगाया गया ‘एंजेल टैक्स’ पूरी तरह समाप्त किया जायेगा। नोटबंदी एवं ‘दोषपूर्ण वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के कारण बुरी तरह प्रभावित हुये’ छोटे एवं मध्यम श्रेणी के उद्योगों को पुनर्जीवित और पुनर्स्थापित करने के लिए नई योजना बनायी जायेगी। उसने प्रत्यक्ष कर संहिता पहले ही वर्ष से लागू करने तथा नया जीएसटी लाने का भी वादा किया है।


Share on Google Plus

0 comments:

Post a Comment