थाने में सरकार का प्रचार: विपक्ष ने आयोग से की शिकायत Government propaganda in the police station: Opposition complains to the commission



  • विजयनगर थाना परिसर मोदी के चित्र वाले लगे हैं बड़े-बड़े होर्डिंग्स
  •  सपा-बसपा-रालोद के नेताओं ने उठाई आपत्ति

गाजियाबाद, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )  विजयनगर थाना परिसर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चित्र समेत केन्द्र सरकार की योजनाओं-उपलब्धियों वाले होर्डिंग्स लगे होने पर गठबंधन के दल सपा-बसपा और रालोद ने गहरी आपत्ति जताई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस और प्रशासन सरकार के एजेन्ट के रूप में काम कर रहा है और निर्वाचन आयोग की आचार संहिता का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। गठबंधन ने केन्द्रीय निर्वाचन आयुक्त को होर्डिंग्स के फोटो समेत लिखित शिकायत भेजी है और मांग की है कि होर्डिंग्स हटवाने के साथ पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों को गाजियाबाद से हटाया जाए, ताकि निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न हो। उन्होंने कहा है कि अगर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।

दरअसल, निर्वाचन आयोग ने चुनाव की घोषणा के साथ ही जिला प्रशासन को आदेश जारी किया था कि निजी या सार्वजनिक स्थानों से वे सभी होर्डिग्स और पोस्टर हटाए जाएं, जिनमें प्रधानमंत्री अथवा मुख्यमंत्री के चित्र लगे हों या फिर सरकार की योजनाओं-उपलब्धियों का ब्यौरा हो। प्रशासन ने जिले में बाकी जगह तो इन्हें हटा दिया, लेकिन विजयनगर पुलिस थाना परिसर में केन्द्रीय योजनाओं वाले होर्डिंग्स अभी भी लगे हैं। यही नहीं, कलेक्ट्रेट भवन में प्रवेश करते ही र्दाइं दीवार पर प्रधानमंत्री की उज्ज्वला योजना का प्रचार करने वाली दीवार की पेन्टिग भी बरकरार है। होर्डिंग्स और दीवार की फोटो समेत गठबंधन में शामिल दलों के अध्यक्षों ने केन्द्रीय निर्वाचन आयुक्त को पत्र भेजा है। इसमें लिखा है कि उन्हें पुलिस और प्रशासन के मौजूदा आला अधिकारियों पर यह भरोसा नहीं है कि वे निष्पक्ष चुनाव कराएंगे। इसका प्रमाण यह है कि निर्वाचन आयोग के सख्त आदेश के बाद भी होर्डिंग्स पुलिस थाना परिसर में सरकार का प्रचार कर रहे हैं और डीएम साहिबा के कार्यालय में पेन्टिंग की गई दीवार को न पोता गया है और न उस पर चादर डाली गई है। पत्र में यह भी कहा गया है कि आदर्श आचार संहिता की भाजपा की ओर से रोज अवहेलना की जा रही है, जबकि प्रशासन मौन साधे बैठा है। प्रशासन की सख्ती सिर्फ विपक्ष पर नजर आ रही है।

बसपा के जिलाध्यक्ष विनोद प्रधान, सपा जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार मुन्नी, महानगर अध्यक्ष राहुल चैधरी, रालोद के जिलाध्यक्ष कपिल चैधरी व महानगर अध्यक्ष रविन्द्र चैहान, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद मलिक, सपा व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष अलाउद्दीन अब्बासी, पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा समेत कई नेताओं ने चुनाव आयुक्त को लिखे पत्र में प्रशासन की धींगामुश्ती पर आपत्ति जताई है। इन नेताओं ने कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि मौजूदा प्रशासन निष्पक्ष चुनाव कराने के मूड में है। ऐसी हालत में प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों को जिले से कहीं अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए। इन नेताओं ने कहा है कि निष्पक्ष चुनाव कराना और निर्वाचन आयोग की आचार संहिता का अनुपालन जितना प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के लिये जरूरी है, उतना ही प्रशासन के लिये भी। उन्होंने कहा है कि अगर आचार संहिता का पालन प्रशासन नहीं करता तो विपक्ष अदालत का दरवाजा खटखटाएगा।




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