कार्यकर्ताओं की उपेक्षा एनडीए प्रत्याशी को पड़ सकता है भारी NDA candidates may have neglected workers, heavy




  • ‘ओवर काॅन्फिडेंस’ का शिकार हो गए हैं डाॅ0 आलोक कुमार सुमन
  • भाजपा, लोजपा और जदयू के वरिष्ठ व दिग्गज नेता हो रहे मायूस

                                                                       संजय त्रिपाठी

गोपालगंज। गोपालगंज लोकसभा क्षेत्र का चुनाव जहां अपने अंतिम पडाव के तरफ बढ़ रहा है, वहीं यहां के एनडीए के घटक दल जदयू के प्रत्याशी डा0 आलोक कुमार सुमन की चुनाव लड़ने की रणनीति आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है। जिस तरह नाॅमिनेशन से पूर्व उनके जीत के दावे जोरशोर से किये जा रहे थे, आज उस पर संकट के बादल मंडराने लगा है। हालांकि मोदी के नाम पर अब भी लोगों में पहली पसंद डा0 सुमन बने हुए हैं, लेकिन कार्यकर्ताओं द्वारा पूर्ण समर्थन व साथ न लगने से उनका चुनाव दिन - पर - दिन फीका होता जा रहा है।

यह इतिहास रहा है कि बीजेपी की जीत का श्रेय हमेशा से उसके कार्यकर्ताओं को दिया जाता है। उसमें भी अहम रोल आरएसएस का होता है। जानकारों की माने तो डा0 सुमन यह चुनाव सिर्फ अपने परिवारिक व संबंधी पृष्ठभमि पर लड़ कर जीतने के प्रयास में लगे है। जबकि हमेशा से जीत में अहम रोल पार्टी के कार्यकर्ता व समर्थक का होता है। यहां बीजेपी, लोजपा और जदयू के वरिष्ठ व दिग्गज नेता इस चुनाव में अपनी उपेक्षा से मायूस है। यहां तक कि 14 प्रखंण्डों में चुनाव कार्यालय खोले गए है, वहां समर्थक व कार्यकर्ताओं के लिए कुर्सी व चाय तो दूर की बात है, एक गिलास पानी तक नहीं मिल पा रहा है। लोगों में डा0 आलोक कुमार सुमन की मिलनसार छवि तथा समाज के हर वर्ग से लगाव उनको यह चुनाव भारी अंतर से जीता रहा था, लेकिन कुछ संबंधी व चापलूस किस्म के लोगों के चंगुल में फंस जाने के कारण क्षेत्र में पहले जैसा हवा नहीं बन पा रहा है। 

जदयू के एक वरिष्ठ नेता तथा एक विधायक के साथी का कहना है कि डाक्टर साहब कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर भारी भूल कर रहे है। गोपालगंज जिला में कार्यकर्ता ही हमेशा चुनाव लड़ता और जीताता रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि रघुनाथ झा, पूर्णमासी राम, अब्दूल गफ्फूर जैसे लोगों ने कार्यकर्ताओं के कारण ही यहां से चुनाव जीत कर संसद तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि जदयू के विधायकों में राम सेवक सिंह, पप्पू पांडेय आदि हर स्तर पर मदद कर रहे हैं, लेकिन उनकों भी वह समान नहीं मिल रहा जो मिलना चाहिए। उनके साथ जुडे मेरे जैसे कार्यकर्ताओं को भी इस चुनाव में कोई सार्थक उपयोग नहीं लिया जा रहा है। दुख इस बात कि है हम लोगों को पहले उम्मीद था कि लोकप्रिय छवि  वाले डाक्टर साहब इस बार रिकार्ड मतों से जीत कर अपना व पार्टी का नाम रोशन करेंगे, लेकिन फिका होता जा रहा चुनाव उम्मीद पर पानी फेर रहा है।

सूत्रों का कहना है कि आज मुख्यमंत्री ने अपनी सभा में डा0 सुमन को स्पष्ट हिदायत दिया कि चुनाव कार्यकताओं के बल पर लड़ा जाता है और जीता जाता है। आप भी एनडीए के घटक दलों का भरपूर सहयोग ले। सूत्रों का यह भी कहना है कि जदयू के राष्ट्रीय महासचिव आर सी पी सिन्हा ने पिछले दिनों एक होटल में कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग में डा0 आलोक कुमार सुमन से साफ शब्दों में कहा कि पार्टी आपको अपने स्तर पर टिकट दिया है। आप चुनाव लड़ने में सक्षम है। खुलकर चुनाव लड़े और कार्यकर्ताओं का उपयोग करे।  

भाजपा के जिलास्तरीय एक वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है कि चुनाव कौशल व रणनीति से जीता जाता है। इसके लिए हर स्तर पर पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं को साथ लिया जाता और उनको जिम्मेदारी देकर काम कराया जाता है। यहां चुनाव कार्यलय में कोई जानकारी देने वाला या दूसरे दिन की व्यवस्था पर चर्चा करने वाला भी नहीं होता। बाहर से आने वाले कार्यकर्ताओं को मायूस लौटना पड़ता है। दूर - दराज के गांवों के कार्यकर्ताओं से जदयू प्रत्याशी की दूरी बनती जा रही है। छोटे कार्यकर्ताओं को जब तक सम्मान व काम नहीं दिया जायेगा, तब तक चुनाव में वह धार नहीं आ पायेगी जो इस सीट को निकालने के लिए जरूरी है।  उन्होंने बताया कि वरिष्ठ भाजपा के जिला अध्यक्ष विनोद सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष हरिनारायण सिंह, सुभाष सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष अनुप लाल श्रीवास्तव, दुर्गा राय, अर्जुन सिंह, राजेन्द्र यादव, हरिमोहन पांडेय, आदित्य नारायण पांडेय, जदयू के शैलेश ओझा  जैसे नेताओं को सम्मान व काम न मिलने से ये लोग पूरी तरह आहत हैं। तीनों दलों के युवा कार्यकर्ताओं पर भी कोई ध्यान नहीं है, जबकि जीत के लिए युवाओं का सहयोग सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि अभी भी समय है सभी कार्यकर्ताओं को अपने साथ लेकर लड़ाई को बड़े पैमाने पर लड़ने की जरूरत है। 

वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि सभी घटक दलों के सभी विंग से प्रत्याशी जब तक अपना लगाव पैदा नहीं करेगा और कार्यकर्ताओं को सम्मान के साथ उनका हौसला नहीं बढ़ायेगा, तब तक इस सीट को निकाल पाना मुश्किल होगा।  
  



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