साहिबाबाद में शांतिपूर्वक संपन्न हुआ मतदान Peaceful concluded voting in Sahibabad



साहिबाबाद , ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )   हिंडन पार क्षेत्र साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में लोकसभा गाजियाबाद के लिए मतदान  छुटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। ज्यादातर लोगों की वही पुरानी शिकायतें रहीं। लोगों का कहना था कि उन्हें बीएलओ द्वारा पर्ची नहीं दी गई,कुछ लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं मिले, कुछ के फोटो दूसरों के नाम के आगे लगे थे।  एक मतदान केंद्र के बाहर  एक पार्टी के काउंटर पर बैठी दो महिलाओं से सैकड़ों  पहचान पत्र एक प्रत्याशी द्वारा पकड़े जानी की खबर है तथा बाद में पुलिस द्वारा  महिलाएं को छोड़ दिया गया। मतदाताओं के रुझान से साहिबाबाद विधानसभा  क्षेत्र में भाजपा और गठबंधन प्रत्याशी में मुकाबला नजर आया, कांग्रेस तीसरे स्थान पर खिसक गई है।साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र का दोपहर तीन बजे तक मत प्रतिशत 44 तथा गाजियाबाद लोकसभा का मत प्रतिशत 47.48 था।
     
जानकारी के अनुसार श्याम पार्क मेन में लाजपत राय कॉलेज के मतदान केंद्र पर अशोक वाटिका निवासी एक मतदाता वहां मौजूद बीएलओ से भिड़ गया और हंगामा करने लगा। बीएलओ सीमा मिश्रा और सुनीता देवी(बूथ सेख्या 821,824) ने बताया के मतदाता का नाम अशोक कुमार है और वह अशोक वाटिका लाजपत नगर का रहने वाला है। उनके पास  अशोक वाटिका  का क्षेत्र नहीं है,वे एल ब्लॉक लाजपत नगर की बीएलओ हंै। यह व्यक्ति  कह रहा था कि वह 4 बार सेक्टर मजिस्ट्रेट रहा है। उन्होंने उसे समझाया कि उनकी लिस्ट में उनका नाम नहीं है। वे बाहर बैठे पार्टियों के किसी एजेंट से अपनी मतदाता पर्ची बनवा कर मतदान कर सकते हैं। लेकिन वह झगड़ा करने लगा उसका कहना था कि उसे तो निर्वाचन कार्यालय की ही असली वाली पर्ची चाहिए। मामला बिगड़ता देख वहां मौजूद पुलिसकर्मी मतदाता को समझाने की बजाय बीएलओ महिलाओं से ही भिड़ गए। बीएलओ महिलाओं का कहना था कि वे दोनों महिलाएं दिल की मरीज है उन्हें एसडीएम साहब खुद यहां बैठा कर गए हैं। लेकिन पुलिसकर्मी उन्हें यहां बैठे नहीं दे रहे और उन्हें बाहर जाने के लिए मजबूर कर दिया है। वे इसकी शिकायत जिला निर्वाचन अधिकारी से करेंगीं। श्याम पार्क निवासी मतदाता चेतन राघव ने बताया उसके घर के 4 वोट हैं और चारों के 3 अलग अलग मतदान केंद्रों पर  वोट डालने की पर्ची मिली है। उसकी दीदी अंजलि के नाम के आगे उसकी भाभी नूपुर का फोटो लगा हुआ था, इसी तरह की अनेक शिकायतें लोगों को रहीं। हर बूथ पर लगभग एक जैसी शिकायतें मिलीं , ज्यादातर लोगों का कहना था कि उनका नाम मतदाता पर्ची में नहीं है, जबकि उनके पास मतदाता पहचान पत्र है। अनेक लोगों के मतदान केंद्र बदल दिए गए और घर से कई किलोमीटर दूर मतदान केंद्रों पर उनके नाम पाए गए। सूर्यनगर सी37निवासी आशु वोस व उनकी पत्नी ने बताया कि उनका वोट सूर्यानगर के विद्याभारती स्कूल में पढ़ता था इस आर वहां उनका नाम नहीं था। बाद में पता चला कि उनका नाम तीन किमी दूर गांव साहिबाबाद के कमलेश पब्लिक स्कूल में बने मतदान केन्द्र पर दर्ज है। 
           
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी सेवाराम कसाना ने अपने गांव भौपुरा के एक मतदान केन्द्र के बाहर एक पार्टी के काउंटर पर बैठी दो महिला के बैग की तलाशी से सैकड़ो मतदाता पहचान पत्र पाये जाने की बात कही है। तलाशी में मिले सैकड़ों मतदाता पहचान पत्र उन्होंने पत्रकारों को दिखाये जो एक ही पते पर थे। उनका आरोप है कि एक महिला के पर्स को एक पार्टी के नेता ने गायव कर दिया जिसमें करीव 400 मतदाता पहचान पत्र थे। उनकी शिकायत पर पुलिस दोनों महिलाओं को अपने साथ ले गयी लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।  
इसी तरह अर्थला के कैलाशवती इंटर काॅलेज के बूथ पर भी बहुत लोग मतदाता सूची में नाम न होने मायूस होकर घर चले गए। राजीव कालोनी और करैहड़ा गांव के पूर्व माध्यमिक विधालय में भी लोगों के गलत नाम और फोटों का मामला सामने आया। राजीव कालोनी के शान्ति निकेतन पब्लिक स्कूल के मतदान केंद्र पर सुबह ही कई लोग मतदाता सूची में नाम न होने की शिकायत करते पाये गए। करैहड़ा में बीजेपी का जोर देखने को मिला, वहीं राजीव कालोनी के बूथ पर बीजेपी, कांग्रेस और गठबंधन तीनों में मतदाता बंटे हुए दिखाई दिए। राजीव कालोनी के बूथ पर राकेश कुमार पांडेय नामक एक बीजेपी का कार्यकर्ता मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के जुनून में भरी दापहरी चिलचिलाती धूप में खड़ा होकर एक बार फिर मोदी को प्रधानमंत्री बनाने का अपील लोगों से करता देखा गया। उसे देखकर वहां मौजूद लोगों में भारी उत्सुकता देखी गई। कई लोगों ने उसे छाये में खड़े होकर मोदी के लिए वोट मांगने की सलाह दिया, लेकिन वह अपने जगह से टस से मस नहीं हुआ।   


Share on Google Plus

0 comments:

Post a Comment