अनवरत कपालभाति मैराथन देखने उमड़े लोग People waiting to see the continuous Kapalbhati Marathon



वसुंधरा, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )  अयोध्या निवासी सुप्रसिद्ध योग गुरु स्वामी महेश योगी की वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशंस परिसर में जारी अनवरत कपालभाति मैराथन को देखने के लिए दूसरे दिन लोगों का तांता लगा रहा। स्कूली बच्चों ने मेवाड़ में पहुंचकर स्वामी महेश योगी के साथ कपालभाति व अन्य यौगिक क्रियाएं कीं। यशोदा अस्पताल कौशाम्बी के डाॅक्टरों की टीम ने 124 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। बता दें कि स्वामी महेश योगी 51 घंटे तक लगातार कपालभाति योगक्रिया करके नया विश्व रिकाॅर्ड बनाएंगे। मेवाड़ परिसर में ही देश के 1150 महापुरुषों व विशिष्टजनों के चित्रों की पहली बार प्रदर्शनी लगाई गई है। जिसे देखने के लिए दूरदराज के लोग व विद्यार्थी उमड़ रहे हैं। योग व कला के इस अद्भुत समागम का समापन 3 अप्रैल को होगा। 

दूसरे दिन महेश योगी को देखने वाले मेवाड़ में सुबह से ही पहुंचने लगे। देर शाम तक लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। अन्य स्कूलों के सैंकड़ों बच्चों ने पहुंचकर स्वामी जी की अनवरत जारी कपालभाति मैराथन को देखकर हैरानी प्रकट की। लोगों में इस बात को लेकर ज्यादा अचम्भा था कि एक अप्रैल की दोपहर एक बजकर 26 मिनट पर कपालभाति करने बैठे महेश योगी बिना रातभर सोये एक ही जगह तटस्थ भाव से बैठे कैसे कपालभाति कर रहे हैं। मेडिकल साइंस एक सेकेन्ड में एक कपालभाति क्रिया करने की बात करती है, लेकिन स्वामी जी ने एक सेकेन्ड में तीन बार क्रियाएं करके इस बात को झुठला दिया है। 

स्वामी महेश योगी ने गत वर्ष कोटा राजस्थान में 23 घंटे का अनवरत कपालभाति मैराथन करने का विश्व रिकाॅर्ड अपने नाम दर्ज किया हुआ था। जिसे उन्होंने 2 अप्रैल को मेवाड़ परिसर में तोड़ दिया है। बुधवार को तीन बजे उनके 51 घंटे पूरे हो रहे हैं। उनके विश्व रिकाॅर्ड को देखने के लिए राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय के महानिदेशक डाॅ. अद्वैत गडनायक, कला इतिहास विशेषज्ञा दलजीत कौर, एमएमएच काॅलेज के कला विशेषज्ञ एचके राय व पावन चिन्तन धारा के संस्थापक एस्ट्रो अंकल पवन सिन्हा को आमंत्रित किया गया है। दूसरे दिन पहुंचे कई गणमान्य लोगों को मेवाड़ की ओर से फूलमाला, अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित भी किया गया। सभी अतिथियों व मेवाड़ परिवार के सदस्यों ने स्वामी महेश योगी का माल्यार्पण कर स्वागत किया। कपालभाति और चित्रों को परखने के लिए एशिया बुक आॅफ रिकाॅड्र्स की टीम हैड स्मिता सिंह व मेवाड़ विश्वविद्यालय के ललित विभाग की डीन डाॅ. चित्रलेखा सिंह भी लगातार कपालभाति मैराथन पर अपनी पैनी निगाह बनाये हुए हैं। इस अवसर पर मेवाड़ ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशंस की निदेशिका डाॅ. अलका अग्रवाल ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। संचालन दिव्य भारत निर्माण के विशिष्ट सदस्य अखिलेश कुमार ने किया। 




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