आप कांग्रेस गठबंधन: हरियाणा में गठबंधन से कांग्रेस के इंकार से बातचीत पड़ी खटाई में You have congressional alliance: Haryana Congress talks with coalition



नयी दिल्ली ।  आप और कांग्रेस के बीच गठबंधन के फार्मूले से हरियाणा को कांग्रेस द्वारा बाहर करने के कारण गठबंधन की उम्मीद पर संशय गहरा गया है। 

आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने बुधवार को हरियाणा में गठबंधन के मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं होने के कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के बयान का हवाला देते हुये कहा, ‘‘कांग्रेस गठबंधन की इच्छुक नहीं दिखती है। इससे लगता है कि बातचीत पूर्ण विराम की ओर अग्रसर है।’’ 

सिंह ने कहा कि आजाद ने हरियाणा में गठबंधन को लेकर आप नेताओं के साथ बातचीत होने से इंकार कर स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस मोदी को रोकने के मूड में नहीं है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा भी पहले ही गठबंधन की संभावनाओं से इंकार कर चुके है।

आजाद हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी हैं। सिंह को आप नेतृत्व ने कांग्रेस के साथ गठबंधन की बातचीत के लिये अधिकृत किया है। 

संजय सिंह ने कहा, ‘‘कांग्रेस का रवैया बताता है कि वह मोदी को रोकने के मूड में नहीं है। गठबंधन के प्रयासों में हो रही देरी के लिये कांग्रेस जिम्मेदार है।’’ 

आप के सूत्रों ने हालांकि गठबंधन की संभावनाओं पर पूर्णविराम की आशंका से इंकार करते हुये बताया कि कांग्रेस नेतृत्व के साथ बातचीत बंद नहीं हुयी है। पार्टी ने कांग्रेस के समक्ष दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ की 18 सीटों में से कांग्रेस को दस, आप को पांच और जननायक जनता पार्टी (जजपा) को तीन सीट पर चुनाव लड़ने की पेशकश की है।

सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘गुलाम नबी आजाद के साथ मेरी मुलाकात हुई तो मैंने यही कहा कि इस वक्त मोदी को रोकना जरूरी है, इसलिए हरियाणा में कांग्रेस छह, जजपा तीन और आप एक सीट पर चुनाव लड़े। हम दिल्ली में 4:3 के फार्मूले के लिए तैयार हैं।’’ इससे पहले आजाद ने सिंह से मुलाकात के सवाल पर कहा था कि संजय सिंह राज्यसभा में उनके सहयोगी सदस्य हैं, इस नाते उनसे मुलाकात जरूर हुयी, लेकिन हरियाणा में गठबंधन को लेकर कोई बातचीत नहीं हुयी। 

सिंह ने कांग्रेस के रुख पर निराशा जताते हुये कहा, ‘‘हमने बहुत प्रयास कर लिया। कांग्रेस के सारे नेतृत्व से बात कर ली, लेकिन मुझे नहीं लगता कि कांग्रेस, भाजपा और मोदी को रोकने के मूड में है। ’’ 

गौरतलब है कि कांग्रेस दिल्ली में आप से 4:3 के फार्मूले के तहत तालमेल की पेशकश कर चुकी है, लेकिन आप दिल्ली के साथ हरियाणा में गठबंधन पर जोर देते हुये राज्य की दस में छह सीट कांग्रेस, तीन जजपा और एक आप को देने का फार्मूला सुझा रही है। आप सूत्रों का कहना है कि अगर गठबंधन सिर्फ दिल्ली में होगा तो फिर 5:2 फार्मूले पर होगा। इसमें पांच सीट पर आप और दो पर कांग्रेस चुनाव लड़ेगी। 



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