एनडीए प्रत्याशी डा0 सुमन के जीत की एकतरफा हवा One-way air of NDA candidate Dr. Suman's victory



                                       गोपालगंज लोकसभा चुनाव - 2019 

  • लोगों की नजर में मृदुभाषी व शिक्षित डा0 आलोक कुमार सुमन ही सांसद बनने योग्य 
  •  राजद प्रत्याशी का जातीय समीकरण साधने पर जोर 

                                                                 संजय त्रिपाठी 
गोपालगंल । ब्राह्मण बहुल्य गोपालगंज जिला में एक बार फिर मोदी फैक्टर हावी दिख रहा है। जिस भी गांव में लोगों से बात की जाती है वहां हुजूम जुट जाता है और लोग मोदी के नाम का माला जपने लग जाते है। हालांकि कुुछ ऐसे भी गांव मिले जहां मोदी के खिलाफ बोलने वालों की संख्या भी कम नहीं दिखी। लेकिन मोदी का खिलाफत करने वालों के नजर में भी एनडीए प्रत्याशी डा0 आलोक कुमार सुमन ही सांसद बनने योग्य है।

2014 के चुनाव में मोदी लहर का ऐसा जलवा देखने को मिला कि पहली बार गोपालगंज संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशी जीत कर संसद पहुंचा। लोगों का कहना है कि यह सीट कांग्रेस की सीट मानी जाती थी, क्योंकि सबसे ज्यादा यहां से कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। हालांकि 1984 में कांग्रेस के गढ़ होने का मिथक काली प्रसाद पांण्डेय ने नगीना राय को हरा कर तोड़ा था। जबकि यह चुनाव पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की हत्या से उपजी सहानुभूति लहर के बीच लड़ा गया था। इसी चुनाव में कांग्रेस को 400 से भी ज्यादा सीटें मिली थी। इस सीट से सबसे ज्यादा जीत का रिकार्ड द्वारिका नाथ तिवारी के नाम है। वे यहां से चार बार सांसद चुने गए थे। 1962, 1967 और 1971 में वे कांग्रेस के टिकट से जीत कर सांसद बने थे। इतरजेंसी के बाद कांग्रेस छोड़ वे भारतीय लोक दल में शामिल हो गए थे। 1977 के आम चुनाव में लोकदल के टिकट से कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल गफ्फूर को हरा कर चैथी बार सांसद बने थे। इस सीट से अब्दुल गफ्फूर भी दो बार जीते है। इसके बाद कोई भी एक बार से ज्यादा यहां सांसद नहीं बन पाया है। 

इस बार के चुनाव में गोपालगंज में मोदी लहर एक बार फिर देखने को मिल रहा है। शुरूआती दौर में डा0 सुमन की लड़ाई कमजोर लग रही थी। लेकिन जदयू और भाजपा दोनों के प्रदेश हाईकमान द्वारा समय रहते स्थिति को संभाल कर लड़ाई को रोचक बना दिया गया है। आज चुनाव प्रचार का अंतिम दिन था। सुशील कुमार मोदी और नितिश कुमार ने इस जिले में कई दौरा कर मतदाताओं से ‘एक बार फिर मोदी सरकार ’ नारे को सार्थक करने की अपील की। आज भी मोदी का शहर में रोड़ शो भव्य रहा । 

इस चुनाव की जमीनी हकीकत जानने के लिए कई गांवों का दौरा किया गया, जिसमें अधिकांश गांवों में मोदी की हवा चलती नजर आई। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण सर्जिकल स्ट्राइक और देशप्रेम लोगों के सर चढ़ कर नाच रहा था। कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र के फुलवरियां गांव में सबसे ज्यादा बड़े - बुजुर्ग मोदी के अलावा किसी और की चर्चा सुनने को भी तैयार नहीं थे। सारे जाति का बंधन यहां गौड़ नजर आया। इसी तरह सवनहां गांव ब्राह्मण बहुल्य गांव है, यहां भी पूरा गांव मोदी मय नजर आया। यहां तो गांव के एक सम्मानित व्यक्ति श्रीकांत तिवारी अपने स्तर से डा0 आलोक कुमार सुमन के लिए सभी गांववासियों का सहयोग लेते हुए प्रचार - प्रसार की कमान संभाल रखे है। भाजपा के युवा मोर्चा नेता अजय त्रिपाठी ने बताया कि इस गांव के सभी जाति के लोग नरेन्द्र मोदी को एक बार फिर प्रधानमंत्री बनाने के लिए हर तरह से इस चुनाव में कार्य कर रहे है। उन्होंने बताया कि बड़े - बुजुर्ग, नौजवान और महिलाओं की टोली डा0 सुमन के लिए घ - घर जाकर वोट मांगे। इधर पेनुला मिश्र, चमारीपट्टी, कंठी बथुआ, बृक्षा बथुआ, जलालपुर बाजार, दूबे खराया समेत कई गांवों में डा0 सुमन की एकतरफा लहर देखने को मिली। 

हालांकि कुछ गांवों में राजद प्रत्याशी अनिल कुमार महान भी लड़ाई में नजर आये। खासतौर से यहां जातिय समीकरण के आधार पर मतदाता बंटते हुए नजर आये। लकड़़ी गांव में राजद का लहर साफ देखा गया। इसी तरह पकड़ी, बैरिया, भगवानपुर, लढ़पुर, रामपुर, बंजरिया, देवान परसा, पेनुला खास, असंदापुर जैसे गांवों में कांटे की टक्कर नजर आया। लेकिन जिस तरह मतदाताओं में मोदी को लेकर जोश दिख रहा है उससे लगता हैं कि डा0 आलोक कुमार सुमन भारी अंतर से यह चुनाव जीत रहे हैं। 





Share on Google Plus

0 comments:

Post a Comment