मेड की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत को लेकर हंगामा Dissatisfaction with death in suspicious circumstances of Med




                                                   किशोरी की संदिग्ध मौत पर प्रदर्शन करते लोग

वसुंधरा, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )  थाना इंदिरापुरम क्षेत्र वसुंधरा सेक्टर पांच की ओलिव काउंटी सोसाइटी में काम करने वाली एक किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में मृतक के परिजनों और आस पास के घरों में काम करने वाली सैकड़ों महिला कामगारों ने सोसायटी के बाहर जमकर हंगामा किया तथा रास्ता जाम कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर रास्ता खुलवाया लेकिन प्रदर्शनकारी अभी सोसायटी के सभी गेटों पर जमे हुए हैं।
       
 जानकारी के अनुसार सेक्टर 5 वसुंधरा ओलिव काउंटी के 14वीं मंजिल पर फ्लैट संख्या ए6, 1403 में वीरेंद्र कुमार सोंधी की पत्नी यहां अकेली रहती हैं। इनके पास पिछले 3 माह से 17 साल की मीनाक्षी नाम की घरेलू सहायिका पुत्री रामचंद्र निवासी गांव कनावनी काम करती थी तथा 24 घंटे यहीं पर रहती थी। रामचंद्र का आरोप है कि 11 मई की शाम 8.30 बजे उन्हें पुलिस का फोन आया कि तुम्हारी लड़की नीचे गिरकर घायल हो गई है। लेकिन जब मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा लड़की के शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए पुलिस ले जाने की तैयारी कर रही है। रामचंद्र का कहना है कि उनकी लड़की की सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है और उनको बिना मौके पर बुलाए शव को सील कर पुलिस ने घोर लापरवाही का काम किया है। यह परिवार जिला सीतापुर थाना मिश्रिख के गांव गोपालपुर का रहने वाला है और अनुसूचित जाति से है। लड़की की मां सुमित्रा का रो-रो कर बुरा हाल है और वह बार-बार बेहोश हो रही थी जिसे उसके साथ आई महिलाएं पानी पिलाकर होश में लाती थीं। 
       
                                                                रोती बिलखती मां

इस मामले को लेकर मंगलवार की सुबह सोसायटी और आसपास के घरों में काम करने वाली सैकड़ों महिलाओं ने ओलिव काउंटी की नाम की सोसाइटी का घेराव किया और सभी चारों रास्तों पर महिलाएं बैठ गयीं। प्रदर्शनकारियों ने रास्ता जाम कर दिया। मौके की नजाकत को देखते हुए थाना इंदिरापुरम अध्यक्ष संदीप कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर रास्ते का जाम खुलवाया। जिन लोगों को सोसाइटी केे बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा था उन्हें बाहर निकाला।
     लड़की की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में घरों पर काम करने वाली सैकड़ों महिलाएं आक्रोशित हैं और पुलिस के रवैए पर भी नाराजगी व्यक्त कर रही है। इस मामले की पैरवी कर रहे श्रमिक संघठन सीटू के नेता बृजेश कुमार सिंह ने मांग की है कि मीनाक्षी की मौत की रिपोर्ट हत्या की धारा में दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों को शीघ्र कानून के हवाले कर मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।



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