‘मोदी तूफान’ की चपेट में उत्तर प्रदेश, विपक्ष धराशायी Uttar Pradesh, Opposition dashed in the face of 'Modi storm'



लखनऊ । देश भर में जारी ‘मोदी तूफान’ के बीच उत्तर प्रदेश में विपक्ष की एकजुटता की धज्जियां उड़ाते हुये भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 2014 के इतिहास को दोहराते हुये प्रचंड बहुमत हासिल करने की ओर अग्रसर है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इर्द गिर्द केन्द्रित रहे इस चुनाव में जनता ने विपक्ष की दलीलों को ठुकराते हुये दिल खोलकर भाजपा पर अपना प्यार लुटाया। एक्जिट पोल के दावों से कहीं बढ़चढ़ भाजपा के पक्ष में परिणाम आये वहीं राज्य की राजनीति में हांशिये पर टिकी कांग्रेस के लिये आज का दिन घोर निराशा लेकर आया। समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की जुगलबंदी को भी जनता ने सिरे से नकार दिया जबकि राज्य में दो नयी नवेली पार्टियों के लिये मोदी की लोकप्रियता अस्तित्व का संकट लेकर सामने आयी। 

देश की राजनीति में अहम योगदान देने वाले इस राज्य की 80 सीटों में से 62 से अधिक सीटों पर या तो भाजपा उम्मीदवार जीत चुके थे या फिर अपने प्रतिद्धंदी से महत्वपूर्ण बढ़त बनाये हुये थे। मोदी के तूफान को रोकने के लिये अपनी धुर विरोधी बसपा से हाथ मिलाने की तरकीब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव काे भारी पड़ी जब उन्हे अपने किले बचाने के लिये एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ रहा था। 

वर्ष 2014 में खाता खोलने से वंचित रह गयी बसपा के लिये आज का दिन फिर भी सुकून भरा था जब उसके उम्मीदवारों ने राज्य की 11 सीटों में से पांच पर जीत हासिल की और छह पर निर्णायक बढ़त बना ली। लोकसभा चुनाव के जरिये सक्रिय राजनीति में कदम रखने वाली पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का जादू उत्तर प्रदेश में चलता दिखायी नहीं पड़ा और पिछले चुनाव के मुकाबले उसका प्रदर्शन और फीका रहा।

रायबरेली में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन(संप्रग) अध्यक्ष एवं कांग्रेस उम्मीदवार सोनिया गांधी ने एक लाख से अधिक मतों से जीत हासिल की जबकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भाजपा की स्मृति ईरानी से बड़े अंतर से पीछे चल रहे थे। 


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