जयसिंह, ग्रोवर के घर, कार्यालय पर सीबीआई के छापे CBI raids on Jaisingh, Grover's house, office



नयी दिल्ली । केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को उच्चतम न्यायालय की वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह और उनके अधिवक्ता पति आनंद ग्रोवर के राजधानी स्थित आवास पर छापेमारी की।

सीबीआई के सूत्रों ने हालांकि यह स्पष्ट किया कि छापेमारी श्रीमती जयसिंह के नहीं, उनके पति के यहां हुई है। अधिवक्ता दम्पती एक ही मकान में रहते हैं।  सीबीआई सूत्रों ने बताया कि जांच एजेंसी की छापेमारी श्री ग्रोवर के गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) लॉयर्स कलेक्टिव को जारी विदेशी फंडिंग के सिलसिले में थी। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी ने दिल्ली के अलावा मुंबई स्थित आवास और कार्यालयों पर भी छापे मारे हैं। एनजीओ पर विदेशी चंदा विनियमन कानून के उल्लंघन का आरोप है।

सीबीआई सूत्रों ने बताया कि अधिवक्ता दम्पती के निजामुद्दीन स्थित आवास और कार्यालय, एनजीओ के जंगपुरा कार्यालय और मुम्बई स्थित एक कार्यालय में सुबह पांच बजे से छापेमारी शुरू की थी।
सीबीआई ने विदेशी सहायता प्राप्त करने के मामले में श्री ग्रोवर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 
सीबीआई ने गृह मंत्रालय की शिकायत के आधार पर श्री ग्रोवर और एनजीओ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। मंत्रालय ने आरोप लगाया गया था कि समूह द्वारा प्राप्त विदेशी सहायता के इस्तेमाल में कई कथित विसंगतियां हैं।

सूत्रों ने बताया कि पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल श्रीमती जयसिंह का नाम प्राथमिकी में आरोपियों की सूची में नहीं है, लेकिन मंत्रालय की शिकायत में उनकी कथित भूमिका का जिक्र है।

गृह मंत्रालय की शिकायत के अनुसार संगठन ने विदेश से 2006-07 और 2014-15 के बीच 32.39 करोड़ रुपये की मदद हासिल की थी, जिसमें अनियमितताएं बरती गईं और यह विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) का उल्लंघन था। इस बीच श्रीमती जयसिंह ने छापेमारी की पुष्टि करते हुए कहा कि जांच एजेंसी उन्हें और उनके पति को मानवाधिकारों की रक्षा के लिए किये गये कार्यों के कारण निशाना बना रही है। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित करार दिया है। 



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