कर्नाटक में अधिकारों के दुरुपयोग पर राजनीतिक दलों का विरोध Opposition of political parties on abuse of rights in Karnataka



बेंगलुरु ।  कर्नाटक संकट के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रहे उठापटक के बीच सत्तारूढ़ कांग्रेस और जनता दल (एस) ने राज्यपाल वजुभाई वाला के कथित ‘विभाजनकारी रवैये’ के विरोध में बुधवार को प्रदर्शन कर उनके प्रति अपने आक्रोश का इजहार किया जबकि भारतीय जनता पार्टी ने सरकार पर विधान सभा अध्यक्ष का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए विधानसभा स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरना दिया। 

सत्तारूढ़ गठबंधन की ओर से विधानसभा के अध्यक्ष के कार्यालय का दुरूपयोग करने का आरोप लगाते हुए विधानसभा में विपक्ष के नेता एवं प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष बी. एस. येद्दियुरप्पा के नेतृत्व में पार्टी विधायकों ने धरना दिया। एक सौ से अधिक विधायकों और विधान पार्षदों के इस धरना में पूर्व उपमुख्यमंत्री आर अशोक और के ईश्वाप्पा भी शामिल थे। 

धरने पर बैठे विधायक मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी और कांग्रेस के उन नेताओं के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे जो बागी विधायकों को मनाने तथा उन्हें अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने को दबाव डाल रहे हैं। 

इससे पहले श्री येद्दियुरप्पा ने कहा कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपेगा तथा बागी विधायकों के प्रति कांग्रेस नेता को कड़ा रूख अपनाने की शिकायत करेगा। कांग्रेस और जद(एस) नेताओं को इस्तीफा देकर उन्हें बागी बनाने में भाजपा का किसी प्रकार का हाथ होने से साफ इंकार करते हुए श्री येद्दियुरप्पा ने कहा,“यदि स्थिति उत्पन्न होगी तो वह सरकार के गठन की जिम्मेदारी उठाने को तैयार हैं।” 



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